वाशिंगटन, अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन में सबसे ताकतवर भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी चेहरों में से एक श्रीराम कृष्णन इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस छोड़ देंगे। उन्होंने पिछले 18 महीनों में अमेरिका की नई एआई रणनीति और नीतियों को तैयार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। सिलिकॉन वैली और वाशिंगटन के बीच वे एक मजबूत कड़ी बनकर उभरे थे।
सोशल मीडिया पर अपनी विदाई की जानकारी देते हुए श्रीराम कृष्णन ने कहा कि अमेरिका के सामने मौजूद नई तकनीकी चुनौतियों पर दोबारा काम शुरू करने से पहले वे कुछ समय का ब्रेक लेंगे। उन्होंने इस सरकारी सेवा को जीवन भर का सौभाग्य बताया और कहा कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की लीडरशिप में काम करना उनके लिए बड़े सम्मान की बात थी।
ट्रंप प्रशासन में निभाई सबसे अहम भूमिका अपने 18 महीने के कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिका के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उन्होंने अमेरिकन एआई एक्शन प्लान का खाका तैयार करने से लेकर नेशनल एआई पॉलिसी फ्रेमवर्क से जुड़े बड़े फैसलों में अपना योगदान दिया। कूटनीतिक मोर्चे पर भी वे काफी एक्टिव रहे और उन्होंने फ्रांस, भारत तथा ब्रिटेन की राजकीय यात्राओं के दौरान अमेरिकी हितों को मजबूती से आगे बढ़ाया।
भविष्य की तैयारियों को लेकर कृष्णन ने कहा कि टेक्नोलॉजी का यह तेज विकास अपने साथ बुनियादी ढांचे और नीतियों की बड़ी चुनौतियां भी ला रहा है। डेटा सेंटर, बिजली की जरूरत और आम जनता तक तकनीक के फायदों को पहुंचाने जैसे कई मुश्किल मुद्दों पर अब मिलकर काम करना होगा। वे आगे चलकर ऐसे संस्थानों को बनाने पर ध्यान देंगे जो अमेरिका और उसके मित्र देशों की इन दिक्कतों को सुलझा सकें।
डेविड सैक्स ने की काम की जमकर तारीफ व्हाइट हाउस के एआई और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स ने कृष्णन के काम की जमकर सराहना की है। सैक्स ने कहा कि श्रीराम कृष्णन के पास तकनीकी समझ और कूटनीतिक कौशल का एक दुर्लभ मेल है। उनके जाने से प्रशासन को बड़ा नुकसान होगा, लेकिन खुशी की बात यह है कि वे सरकार से बाहर रहकर भी एक बाहरी सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
दिग्गज टेक कंपनियों में काम का लंबा अनुभव आपको बता दें कि श्रीराम कृष्णन एक मशहूर भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और इन्वेस्टर हैं। व्हाइट हाउस आने से पहले वे माइक्रोसॉफ्ट, एक्स (ट्विटर), मेटा और स्नैप जैसी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में सीनियर लीडरशिप और प्रोडक्ट हेड की भूमिकाएं निभा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन के लिए एआई तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक ताकत का मुख्य आधार बन चुकी है और कृष्णन इसी रणनीति के सबसे बड़े रणनीतिकार थे।