Suvendu Adhikari Cabinet Expansion: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के ठीक तीन हफ्ते बाद, मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी आज अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। आज सुबह 11 बजे कोलकाता के नबन्ना (Nabanna Kolkata) में 35 भाजपा विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। राज्यपाल आरएन रवि सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
इस बड़े विस्तार से पहले कैबिनेट में मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी के अलावा सिर्फ पांच और मंत्री शामिल थे, जिन्होंने बीती 9 मई को शपथ ली थी।
अब 41 सदस्यों की हो जाएगी बंगाल मंत्रिपरिषद
आज होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह (Oath Ceremony Bengal) के बाद पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी। आपको बता दें कि जो पांच कैबिनेट मंत्री पहले ही शपथ ले चुके हैं, उनमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया था। इसमें महिलाओं से अग्निमित्रा पॉल, मतुआ समुदाय से अशोक कीर्तनिया, राजबंशी समुदाय से निसिथ प्रमाणिक और आदिवासी समाज से क्षुदीराम टुडू पहले से ही कैबिनेट का हिस्सा हैं। भाजपा नेताओं के मुताबिक, आज होने वाले विस्तार के बाद कैबिनेट में अन्य बचे हुए समुदायों को भी पूरा प्रतिनिधित्व (Social Representation) मिलने जा रहा है।
क्या कहता है संविधान का नियम?
91वें संवैधानिक संशोधन (91st Constitutional Amendment) के तहत किसी भी राज्य की कैबिनेट का आकार वहां की कुल विधानसभा सीटों के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें (West Bengal Assembly Seats) हैं। इस नियम के हिसाब से बंगाल में अधिकतम 44 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। आज 35 नए मंत्रियों के आने के बाद भी मंत्रियों की संख्या 41 होगी, यानी शुवेंदु सरकार के पास अभी भी तय सीमा से तीन पद खाली रहेंगे।
इस कैबिनेट विस्तार के पीछे बीजेपी का असली प्लान क्या है?
इस कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा (Bengal BJP) राज्य में एक व्यापक सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधना चाहती है। पार्टी ने टीएमसी के 15 साल पुराने शासन को उखाड़ फेंकते हुए इस बार 208 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। अब इस भारी जनाधार को आगे भी मजबूत बनाए रखने के लिए बीजेपी नेतृत्व उन सभी सामाजिक समूहों और इलाकों को सरकार में जगह दे रहा है, जो अब तक छूटे हुए थे।