पंचायती राज में पारदर्शिता का नया सवेरा मेरी पंचायत, ऐप खोलेगा हर निर्माण और पाई-पाई का हिसाब

फिरोज अंसारी, सूरजपुर । पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर आने वाली राशि कहां जा रही है कौन सा निर्माण कार्य सिर्फ कागजों पर है और कौन सा जमीन पर अब इन सवालों के लिए ग्रामीणों को न तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे और न ही सूचना के अधिकार (RTI) का महीनों इंतजार करना होगा। सरकार द्वारा लॉन्च किया गया मेरी पंचायत, ऐप अब पंचायतों के पूरे बही-खाते को आईने की तरह साफ-साफ जनता के सामने रख रहा है।

अक्सर जानकारी के अभाव में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आम नागरिक यह समझ ही नहीं पाते कि उनकी पंचायत में कब, कौन से कार्य स्वीकृत हुए और कितनी राशि खर्च हुई। इसी अज्ञानता और मिलीभगत के खेल पर चोट करने के लिए इस डिजिटल हथियार को तैयार किया गया है।

घर बैठे मोबाइल पर दिखेगा, बिल-वाउचर का सच

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल आंकड़ों का मायाजाल नहीं दिखाता, बल्कि सीधे जमीनी हकीकत से रूबरू कराता है। कोई भी नागरिक अपने मोबाइल फोन के जरिए घर बैठे जानकारियां हासिल कर सकता है जिनमें आवक-जावक का पूरा ब्यौरा, पंचायत के खाते में कितनी राशि आई और कितनी भुगतान की गई।

आय-व्यय और वित्तीय स्थिति

किस योजना के तहत कितना बजट आवंटित हुआ, बिल और वाउचर सहित निर्माण कार्यों में लगे पैसों के पक्के बिल और वाउचर की पारदर्शिता।

वर्तमान में कौन से काम चल रहे हैं और कौन से पूरे हो चुके हैं।

पारदर्शिता की नई मिसाल

भ्रष्टाचार और जानकारी के अभाव को खत्म करने के लिए सरकार का यह कदम सराहनीय है। अब जनता खुद अपनी पंचायत की ऑडिटर बन सकती है।

भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश, बढ़ेगी जनता की ताकत

अक्सर पंचायतों में काम की गुणवत्ता और राशि के दुरुपयोग को लेकर शिकायतें आती रहती हैं। सजग नागरिक इस ऐप का उपयोग कर सीधे निर्माण कार्य की प्रगति और उसकी लागत का मिलान कर सकते हैं। यदि कागजों पर काम पूरा दिख रहा है और जमीन पर गड्ढा भी नहीं खुदा, तो तुरंत इसकी पोल खोली जा सकती है।

अपने मोबाइल के प्ले स्टोर से मेरी पंचायत ऐप डाउनलोड करें

ऐप में अपने राज्य, जिला, जनपद और ग्राम पंचायत का चयन करें।

एक क्लिक करते ही आपकी पंचायत का पूरा वित्तीय और विकास कार्यों का ब्यौरा आपकी स्क्रीन पर होगा।

अब वक्त आ गया है कि ग्रामीण अपनी पंचायत के विकास में मूकदर्शक बनने के बजाय इस डिजिटल माध्यम को अपनाएं और हर एक पैसे का हिसाब मांगकर एक आदर्श और भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

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