परिजन निजी अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन पर तत्काल कार्यवाही की मांग कर रहे हैं
गरियाबंद। जिले के देवभोग नगर से एक बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार ईलाज के दौरान प्रसूता की मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। आरोप है कि निजी अस्पताल के द्वारा मरीज के उपचार में गंभीर लापरवाही की गई, जिसकी वजह से एक 30 वर्षीय महिला और उसके अजन्में बच्चे की मौत हो गई।
मामला देवभोग के देवमाता श्री हॉस्पिटल का बताया जा है। जहां गोहरा पदर निवासी महिला भानुमति मांझी पति वेदप्रकाश मांझी को पिछली रात प्रसव पीड़ा के बाद देवमाता श्री अस्पताल में रात 2 बजे के करीब भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि दो घंटे से अधिक समय तक पेशेंट को रखने के बाद मरीज का ऑपरेशन शुरू किया गया। जबकि अस्पताल प्रबंधन के पास ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित नही थी।
इलाज के दौरान सामने आया कि महिला का यूट्रस फट गया था, जिसकी वजह लगातार ब्लडिंग हो रही थी और अस्पताल के पास ब्लड नही था, ना ही इंतजाम किया गया।
अंततः मरीज की हालत नाजुक होते देख अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर लिये और पेशेंट को रेफर कर दिया गया। रेफर के बाद ओडिसा के जूनागढ़ ले जाने के दरमियान प्रसूता की रास्ते में मौत हो गई।
प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार ऑपरेशन के बाद अत्यधिक रक्त स्त्राव के कारण महिला की मौत होना बताया जा रहा है। मरीज के परिजन चक्का जाम कर अस्पताल प्रबंधन का लाइसेंस निरस्त करने, संबंधित डॉक्टर पर एफआईआर और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।