CG Government Employees DA Issue: न्यायिक सेवा और बिजली कर्मियों का बढ़ा महंगाई भत्ता, साढ़े 4 लाख राज्य कर्मचारियों में फूट रहा आक्रोश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को लेकर सरकारी गलियारों में घमासान मच गया है। राज्य सरकार ने हाल ही में न्यायिक सेवा के अधिकारियों के डीए (DA Hike) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) भी अपने बिजली कर्मियों का डीए 2 प्रतिशत बढ़ा चुकी है। लेकिन इन सब के बीच, प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख नियमित शासकीय कर्मचारी अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनके भीतर अब तीखा आक्रोश पनपने लगा है।

हर बार एरियर्स का भारी नुकसान (Financial Loss to Employees)

राज्य के सरकारी कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि सरकार हर बार महंगाई भत्ता देने में जानबूझकर देरी करती है। इतना ही नहीं, जब भी डीए बढ़ाने का आदेश जारी होता है, उसे तय देय तिथि (Due Date) से लागू नहीं किया जाता। इसके कारण कर्मचारियों को हर बार 4 से 5 महीने का भारी एरियर्स (Lamber Arrears) गंवाना पड़ता है। नाराज कर्मचारियों ने तीखा सवाल उठाया है कि क्या कमरतोड़ महंगाई सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों, न्यायिक अफसरों और बिजली कर्मियों के लिए ही बढ़ रही है, बाकी सरकारी अमले के लिए नहीं?

जनवरी 2026 में हुई थी आखिरी बढ़ोतरी (Chhattisgarh DA Latest Updates)

आपको बता दें कि वित्त विभाग (Finance Department) के निर्देशानुसार जनवरी 2026 में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा किया गया था। इस बढ़ोतरी के बाद राज्य में सातवें वेतनमान (7th Pay Commission) के तहत डीए 58 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के तहत 257 प्रतिशत पर पहुंच गया था। चूंकि डीए की गणना मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी (Basic Salary) के आधार पर होती है, इसलिए आदेश में देरी से कर्मचारियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

वेतनमान (Pay Scale)जनवरी 2026 के बाद वर्तमान डीए (DA Rate)
सातवां वेतनमान58%
छठवां वेतनमान257%

हर महीने 3 हजार रुपये तक की चपत (GPF and Employees Federation)

समय पर डीए और अटके हुए एरियर्स का भुगतान न होने की वजह से कर्मचारियों को हर महीने 200 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन (Chhattisgarh Employees Federation) इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन की राह पर है। फेडरेशन की मांग है कि लंबित एरियर्स की पूरी राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ (GPF Account) खाते में डाला जाए। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन मुख्य सचिव को ज्ञापन देने से लेकर हाई कोर्ट (High Court) तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं।

क्या कहते हैं कर्मचारी नेता? (Statements)

“राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में डीए की घोषणा बहुत पहले हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार को भी यहां बिना देरी किए तुरंत आदेश जारी करना चाहिए।”

कमल वर्मा, संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन

“सरकार को देय तिथि से ही आदेश जारी करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को कोई वित्तीय घाटा न उठाना पड़े। इस कमरतोड़ महंगाई में समय पर डीए मिलना हमारा हक है।”

राजेश चटर्जी, प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शिक्षक फेडरेशन

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