राजेश गुप्ता बैकुंठपुर (कोरिया): कोरिया जिले में पानी की किल्लत से निपटने और जमीन के नीचे छिपे पानी की थाह लेने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। आगामी 25 मई से जिले के हर गांव में भूजल स्तर (Groundwater Level) नापने का काम शुरू किया जाएगा। इस खास मुहिम के तहत ‘जलदूत ऐप’ (Jaldoot App) की मदद से हर गांव के पानी का स्तर ऑनलाइन दर्ज होगा। यह एक प्री-मानसून सर्वे (Pre-Monsoon Survey) है, जिससे बारिश से पहले गांवों में पानी की असली स्थिति का पता चल सकेगा।
15 जून तक चलेगा विशेष अभियान (Water Level Survey India)
भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर यह कदम उठाया जा रहा है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 25 मई से 15 जून तक यह विशेष अभियान चलेगा। पूरे कोरिया जिले में अब वैज्ञानिक तरीके से कुओं और बोरवेल के पानी की जांच होगी।
क्या है इस सर्वे का असली मकसद? (Groundwater Management)
इस डिजिटल सर्वे का मुख्य उद्देश्य जिले में पानी के संकट को भांपना है। ‘जलदूत ऐप’ में प्री-मानसून का ऑनलाइन डेटा सेव रहेगा। इसके बाद जब मानसून (Monsoon 2026) के बाद दोबारा वाटर लेवल नापा जाएगा, तो दोनों आंकड़ों की तुलना होगी। इससे यह साफ पता चल सकेगा कि जल संरक्षण (Water Conservation) के कामों से गांवों को कितना फायदा हुआ और खेती के लिए कितना जमीनी पानी निकाला गया।
कैसे होगा जमीनी स्तर पर काम? (Digital Data Collection)
जिला पंचायत सीईओ (CEO District Panchayat) डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि इस अभियान के लिए मनरेगा के तकनीकी सहायकों (Technical Assistants) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये कर्मचारी गांवों में जाकर चयनित कुओं और बोरवेल में पानी की गहराई मापेंगे और उसका डिजिटल डेटा ऐप पर अपलोड करेंगे।
खास बात यह है कि इस सर्वे में सिर्फ पानी वाले कुएं ही नहीं, बल्कि सूखे कुओं को भी शामिल किया जा रहा है। इससे यह समझने में आसानी होगी कि किस इलाके में जलस्तर (Water Table) सबसे ज्यादा नीचे चला गया है। साल में दो बार होने वाले इस सर्वे से कोरिया जिले में पानी की किल्लत दूर करने के लिए भविष्य में ठोस नीतियां बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।