नई दिल्ली। देशभर में हाल के दिनों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर भारतीय रेलवे ने बड़ा दावा किया है। रेलवे का कहना है कि कई मामलों में असामाजिक तत्वों की भूमिका सामने आई है। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कुछ घटनाएं जानबूझकर आग लगाने की कोशिश का हिस्सा हो सकती हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान के अमरपुरा, कोटा, बिहार के सासाराम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई घटनाओं की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अमरपुरा मामले में ट्रेन की चादरों और बिस्तर के सामान में आग लगाने की कोशिश की गई थी। वहीं हावड़ा में एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा कपड़ा बरामद हुआ।
कोटा में Rajdhani Express के बाथरूम से अचानक आग की लपटें उठती देखी गई थीं। वहीं बिहार के सासाराम में एक अज्ञात व्यक्ति ने खाली कोच के अंदर जलती हुई वस्तु फेंक दी थी। इन घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें। अगर कोई संदिग्ध सामान, व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सतर्कता से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में भी भीषण आग लग गई थी। यह हादसा सुबह करीब 5:15 बजे विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशन के बीच हुआ था। आग B-1 कोच में लगी थी, जिसमें करीब 68 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं आई।
घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कोच से काले धुएं के बड़े गुबार निकलते दिखाई दिए। आग रेलवे ट्रैक के किनारे लगे पेड़ों तक फैल गई थी। इस घटना के बाद करीब 18 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा था। रेलवे फिलहाल सभी घटनाओं की गहन जांच कर रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है।