नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब नई सरकार का गठन पूरा हो गया है। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाल लिया है। सरकार गठन के साथ ही विधानसभा और मंत्रिमंडल को लेकर भी बड़े फैसले सामने आए हैं।
शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में कुल 42 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें 24 कैबिनेट मंत्री और 18 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। बीजेपी ने प्रशासन और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह टीम तैयार की है।
इसी बीच बीजेपी ने 18वीं विधानसभा के लिए कूचबिहार दक्षिण से विधायक रथिंद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया है। रथिंद्र बोस पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन पेशेवर जीवन में उनकी अलग पहचान रही है।
राजनीति में आने से पहले रथिंद्र बोस चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर काम करते रहे हैं। वह वर्तमान में भी प्रैक्टिसिंग सीए हैं। उन्होंने वर्ष 1990 में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से अपनी डिग्री हासिल की थी। इसके अलावा वह कॉस्ट अकाउंटेंट भी हैं।
रथिंद्र बोस ने 2026 का विधानसभा चुनाव पहली बार लड़ा और कूचबिहार दक्षिण सीट से 23 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। बीजेपी अब उन्हें विधानसभा की कार्यवाही संभालने की जिम्मेदारी देने जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए नंदीग्राम सीट छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह भवानीपुर सीट अपने पास रखेंगे। शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी।
भवानीपुर सीट पर उनकी जीत सबसे ज्यादा चर्चा में रही। यहां उन्होंने टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। वहीं नंदीग्राम में भी उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी। गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद वह पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने हैं।