चारामा। छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की समय सारणी घोषित होते ही नगर पंचायत चारामा के वार्ड क्रमांक 13 में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पूर्व पार्षद उत्तम साहू (भाजपा) के शासकीय सेवा में जाने के बाद रिक्त हुई इस सीट पर अब कब्जे की जंग शुरू हो चुकी है। जहाँ भाजपा के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस सत्ता के गलियारे में वापसी की राह देख रही है।
प्रमुख दावेदार: किसकी चमकेगी किस्मत?
दोनों ही राष्ट्रीय दलों में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। गलियारों में इन नामों की चर्चा सबसे तेज है:
कांग्रेस पार्टी (दावेदारों का पैनल): सुभाष सोनकर (पूर्व पार्षद वार्ड 14, अनुभवी चेहरा), मोहित नायक (वार्ड 13 के पूर्व पार्षद, क्षेत्र में मजबूत पकड़) और नानू सिन्हा (युवा दावेदार) के नाम शामिल हैं। विशेष बात यह है कि चूँकि यह वार्ड वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष भुनेश्वर नागराज का है, इसलिए टिकट वितरण में उनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।

भारतीय जनता पार्टी (दावेदारों का पैनल): जागेश्वर सिन्हा व अनूप सोनकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में शुमार हैं और प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। इनके अलावा अमित साहू, परमेश्वर यादव व शेखर सोनकले भी भाजपा की ओर से ताल ठोकने को तैयार हैं। भाजपा के लिए यह सीट बचाए रखना प्रतिष्ठा का सवाल है।
चुनावी मुद्दे: ‘रेत के शोर’ में दबेगी विकास की गूँज?
इस बार का उपचुनाव केवल वादों तक सीमित नहीं रहेगा। वार्ड क्रमांक 13 की जनता इन बुनियादी और ज्वलंत मुद्दों पर प्रत्याशियों को घेरेगी:

अवैध रेत उत्खनन (सबसे बड़ा मुद्दा): इस वार्ड से रेत से भरी हाइवा गाड़ियों की आवाजाही ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। धूल और दुर्घटना का खतरा प्रमुख चुनावी मुद्दा बनेगा।
अवैध शराब: अवैध शराब भट्ठियों का संचालन स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
मटन मार्केट: मार्केट की स्थाई व्यवस्था न होना व्यापारियों और नागरिकों दोनों की समस्या है।
बुनियादी ढांचा: सड़क, नाली, बिजली और पानी की बदहाली को लेकर जनता में आक्रोश है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ
मतदान: 1 जून
मतगणना: 4 जून
निष्कर्ष: वार्ड क्रमांक 13 में इस बार मुकाबला केवल पार्टी का नहीं, बल्कि वार्ड की समस्याओं के समाधान का है। देखना होगा कि जनता ‘रेत और शराब’ के मुद्दों पर किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।
चारामा: अनूप वर्मा