रायपुर पुलिस ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस कांड के मास्टरमाइंड वेणु जंघेल को रायपुर क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बिलासपुर से धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी पर 5000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले छात्रों से पैसे लेता था और पकड़े जाने के डर से डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश में जुटा था।
सोशल मीडिया पर लीक हुआ था पेपर
हिंदी विषय की परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिलीट किए गए डेटा की बारीकी से पड़ताल की। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और पैसों के लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला।
छात्रों से वसूली और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में 50 से अधिक छात्रों और संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की। जांच में पता चला कि बेमेतरा निवासी आरोपी वेणु जंघेल प्रत्येक छात्र से पेपर के बदले 3000 रुपये वसूलता था। वह रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था लेकिन मामला दर्ज होने के बाद से फरार था। पुलिस ने बिलासपुर में उसकी लोकेशन ट्रेस की और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई खुलासे
चार दिन की रिमांड के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने साक्ष्य नष्ट करने के लिए मोबाइल डेटा डिलीट किया था। उसने पुलिस को पेपर लीक करने के तरीके और इस धंधे में शामिल अन्य साथियों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं। पुलिस अब उन अन्य लोगों की तलाश में जुटी है जिन्होंने पेपर आगे प्रसारित करने में मदद की थी। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।