नई दिल्ली। साल 2026 में शनि जयंती 16 मई, शनिवार को मनाई जाएगी और इस बार बन रहा खास ज्योतिषीय संयोग इसे बेहद महत्वपूर्ण बना रहा है। शनिवार के दिन शनि जयंती पड़ना दुर्लभ माना जाता है। इसी दिन चंद्र गोचर और नक्षत्र परिवर्तन जैसे योग बनने से कुछ राशियों के लिए बड़ा लाभ संकेतित है।
शनि जयंती का समय और ग्रहों की स्थिति
ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि 16 मई सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 17 मई तड़के 1:30 बजे तक रहेगी। शाम 5:29 बजे चंद्र गोचर होगा और रात 10:46 बजे चंद्रमा वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। कृत्तिका नक्षत्र में चंद्रमा का प्रवेश इस दिन के महत्व को और बढ़ाता है।
इन राशियों की बदल सकती है किस्मत
वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। पुराने निवेश से लाभ और आय में बढ़ोतरी की संभावना है।
मिथुन राशि वालों के करियर में उछाल दिख सकता है। नौकरी में प्रमोशन और नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।
सिंह राशि के लोगों के अटके काम पूरे हो सकते हैं। कोर्ट-कचहरी या जमीन से जुड़े मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं।
धनु राशि के लिए भाग्य मजबूत रहेगा। अचानक धन लाभ और धार्मिक यात्राओं के योग बन सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग जीवन में अचानक बदलाव और सकारात्मक परिणाम ला सकता है, लेकिन हर व्यक्ति पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।