पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अवैध उत्खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमले और लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय को जबलपुर से हिरासत में लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने धरमपुर रेंज में पत्थर माफियाओं का साथ दिया और सरकारी काम में बाधा डाली।
यह मामला 23 अप्रैल 2026 का है, जब पिस्टा बीट में अवैध पत्थर उत्खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। वनकर्मियों का आरोप है कि माफिया लखन लाल पाण्डेय और उसके साथियों ने टीम पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार भरत पाण्डेय ने मौके पर पहुंचकर वनकर्मियों को धमकाया और आरोपियों को वहां से भगाने में मदद की। साथ ही टीम के मोबाइल और चाबियां छीनने के आरोप भी उन पर लगे हैं।
हिरासत में लिए जाने के बाद भरत पाण्डेय ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि एफआईआर में उनका नाम राजनीतिक दबाव के चलते बाद में जोड़ा गया है। उनका दावा है कि वे इलाज के सिलसिले में जबलपुर गए थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।