सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने इस दौरान स्पष्ट शर्तें भी लागू की हैं।
प्रमुख अदालती निर्देश
- जांच में सहयोग: खेड़ा को जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा और समन मिलने पर थाने में पेश होना होगा।
- साक्ष्यों से सुरक्षा: वे सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उन्हें प्रभावित नहीं करेंगे।
- यात्रा प्रतिबंध: कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
- ट्रायल कोर्ट का अधिकार: ट्रायल कोर्ट आवश्यकतानुसार जमानत की शर्तों में और वृद्धि कर सकता है।
बहस के मुख्य बिंदु
- सिंघवी का तर्क: वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे “अभूतपूर्व मामला” बताते हुए कहा कि मानहानि के आरोपों में गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है।
- कठोर टिप्पणियां: सिंघवी ने असम के मुख्यमंत्री के बयानों की आलोचना करते हुए उन्हें असंवैधानिक और आक्रामक बताया।
- कोर्ट का रुख: गुरुवार को लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसके बाद शुक्रवार को शर्तों के साथ राहत प्रदान की गई।
