उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों के लिए फिलहाल सफर मुफ्त है। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद इसे जनता के लिए खोल दिया गया है लेकिन टोल वसूली अभी शुरू नहीं हुई है। सूत्रों की मानें तो कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही अगले 10 से 15 दिनों में टोल टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दरें तय कर दी हैं जिसमें मेरठ से प्रयागराज तक की पूरी दूरी तय करने पर कार सवारों को लगभग 1515 रुपये चुकाने होंगे। यह प्रणाली पूरी तरह से दूरी पर आधारित होगी यानी आप जितनी सड़क इस्तेमाल करेंगे उतना ही पैसा देना होगा।
तकनीक और मजबूती का बेजोड़ संगम
इस एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है जो भारी बारिश और भीषण गर्मी को झेलने में सक्षम है। सड़क की मजबूती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी कुल मोटाई करीब आधा मीटर रखी गई है और इसमें लाखों टन डामर, स्टील और सीमेंट का उपयोग हुआ है। भारी मालवाहक वाहनों के दबाव को सहने के लिए इसमें अत्याधुनिक स्ट्रेस सेंसर तकनीक लगाई गई है। दोपहिया वाहनों के लिए 1.28 रुपये और भारी कमर्शियल वाहनों के लिए अधिकतम 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है जिससे यूपी के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
