उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है जिसके साथ ही लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया है। इस वर्ष के नतीजों में छात्रों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है जिसमें 10वीं कक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। वहीं 12वीं की परीक्षा में गीतिका पंत और सुशीला ने संयुक्त रूप से टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राज्य के मेधावी छात्र अपना परीक्षा परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर तुरंत चेक कर सकते हैं जहाँ सर्वर पर भारी लोड के बावजूद परिणाम सुचारू रूप से उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने थपथपाई मेधावियों की पीठ: हारने वाले छात्रों को दिया धैर्य का मंत्र
बोर्ड नतीजों के घोषित होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने इन परिणामों को छात्रों के निरंतर परिश्रम, कड़े अनुशासन और अटूट संकल्प का जीवंत प्रमाण बताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही आत्मविश्वास इन युवाओं को जीवन की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और वे अपने सपनों को साकार करेंगे। इसके साथ ही सीएम धामी ने उन छात्रों का भी ढांढस बंधाया है जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। उन्होंने ऐसे विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे हतोत्साहित होने के बजाय सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास के साथ दोबारा नई ऊर्जा से जुटें क्योंकि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है।
डिजिटल मार्कशीट ही होगी आधार: डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध होंगे पासिंग सर्टिफिकेट
रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट टैब में अपने लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करने होंगे जिसके बाद वे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाला यह डिजिटल सर्टिफिकेट प्रोविजनल मार्कशीट के तौर पर मान्य होगा जो तब तक सभी शैक्षणिक कार्यों में काम आएगा जब तक स्कूलों से मूल हार्ड कॉपी प्राप्त नहीं हो जाती। परीक्षार्थी अपनी सुविधा के लिए डिजिलॉकर के माध्यम से भी 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि डाउनलोड की गई प्रति का प्रिंट आउट भविष्य के दाखिलों के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।