*’’*’ *कोरिया, 23 अप्रैल 2026/’* जिला पंचायत कोरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत केशगवां में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। 15वें वित्त आयोग की लगभग तीन लाख रुपये की राशि के कथित फर्जी आहरण और गबन के आरोपों की जांच के बाद ग्राम पंचायत सचिव श्यामलाल सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच समिति ने मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान सचिव न तो उपस्थित हुए और न ही आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए। साथ ही, ‘ई-ग्राम स्वराज‘ पोर्टल में सरपंच के यूजर प्रोफाइल में सचिव का मोबाइल नंबर दर्ज पाया गया, जिससे यह प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुआ कि सचिव द्वारा सरपंच के डिजिटल हस्ताक्षर (डीएससी) का दुरुपयोग कर राशि का आहरण किया गया।इस कृत्य को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 एवं छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत नियम 1999 के नियम 4 व 5 का उल्लंघन करने के कारण छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय रायपुर के ज्ञापन क्रमांक/3640 (ए)/पंग्राविवि/22/2008 रायपुर 29 अगस्त 2008 के द्वारा पंचायत कर्मियों की सेवा शर्तो हेतु जारी मार्गदर्शिका के कंडिका 07 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4(क) एवं (ख) के तहत अनुशासनिक कार्यवाही प्रयोजनार्थ तत्काल प्रभाव से निलंबित की गई है।निलंबन अवधि में श्यामलाल सूर्यवंशी का मुख्यालय जनपद पंचायत सोनहत निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही, मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उपसंचालक (पंचायत), जिला कोरिया को जांच अधिकारी तथा जनपद पंचायत सोनहत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है।निलंबन के बाद पंचायत कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत केशगवां का अतिरिक्त प्रभार शिवनारायण साहू (सचिव, ग्राम पंचायत मधला) को और ग्राम पंचायत बसवाही का प्रभार रामप्रकाश साहू (सचिव, ग्राम पंचायत तंजरा) को अस्थायी रूप से सौंपा गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
केशगवां पंचायत सचिव निलंबित, गबन के आरोपों की विभागीय जांच शुरू
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