सीएमओ की गैरमौजूदगी बनी नाराजगी की वजह, मचा हड़कंप
जशपुर नगर। शहर में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की अनुपस्थिति पर जिला प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर शुक्रवार को नगर पालिका के सीएमओ कार्यालय को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। हालांकि बाद में प्रशासन ने सील हटाकर कार्यालय को पुनः खोल दिया। इस कार्रवाई से नगर पालिका कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बन गई।
पहले से तय था निरीक्षण कार्यक्रम
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के अनुसार, शहर के विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण कलेक्टर के साथ करने का कार्यक्रम करीब एक सप्ताह पहले ही तय कर लिया गया था। निर्धारित समय पर सभी संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, लेकिन सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय उपस्थित नहीं हुए।
फोन पर मिली जानकारी से नहीं हुए संतुष्ट
सीएमओ से मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे विभागीय बैठक के सिलसिले में अंबिकापुर स्थित संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) कार्यालय में हैं। अध्यक्ष ने कलेक्टर को यह भी अवगत कराया कि विकास कार्यों और परिषद के निर्णयों के क्रियान्वयन में भी लगातार देरी हो रही है। जवाब से असंतुष्ट कलेक्टर ने तत्काल सीएमओ कार्यालय को सील करने के निर्देश दिए।
सीएमओ का पक्ष
सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय ने कहा कि वे न्यायालयीन कार्य के लिए बिलासपुर गए थे और उसके बाद विभागीय बैठक में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक जशपुर लौटने की उनकी योजना थी।
नगर पालिका अध्यक्ष का बयान
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि निरीक्षण की तारीख पहले से तय होने के बावजूद सीएमओ का अनुपस्थित रहना गंभीर विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विकास कार्यों की गति तेज होगी और परिषद के निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।