आज बस्तर आएंगे सचिन तेंदुलकर: दंतेवाड़ा में बच्चों संग खेलेंगे क्रिकेट, नक्सलवाद छोड़ अब खेलों से चमकेगा वनांचल

रायुपर/दंतेवाड़ा: बस्तर की फिजाओं में अब गोलियों की गूंज नहीं, बल्कि खेलों का उत्साह घुलेगा। इस बदलाव की नई इबारत लिखने के लिए ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज सपरिवार दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं। नक्सल मुक्त बस्तर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच दिलाने के उद्देश्य से सचिन का यह पहला बस्तर दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है। वे न केवल मैदान का उ‌द्घाटन करेंगे, बल्कि स्थानीय बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर उनमें नया जोश भरेंगे।

नक्सल मुक्त बस्तर में खेल का नया सवेरा
यह दौरा केवल एक क्रिकेटर का आगमन नहीं है, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक है। जिस बस्तर को कभी अशांति के लिए जाना जाता था, आज वहां खेल और विकास की नई सुबह हो रही है। सचिन तेंदुलकर की संस्था और मानदेशी फाउंडेशन पिछले एक साल से इस क्षेत्र में खेल के प्रति माहौल तैयार करने में जुटी हुई हैं। इस कवायद का उद्देश्य बस्तर की प्रतिभाओं को न केवल पहचान दिलाना है, बल्कि उन्हें खेल के माध्यम से सशक्त बनाना है।

प्रमुख कार्यक्रम:

स्टेडियम का उ‌द्घाटन: सचिन तेंदुलकर पनेड़ा में नवनिर्मित स्टेडियम का उ‌द्घाटन करेंगे, जो स्थानीय युवाओं के लिए खेल का एक आधुनिक केंद्र बनेगा।

बच्चों के साथ क्रिकेट: वे छिंदनार, पनेड़ा, और जावंगा जैसे गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें प्रेरित करेंगे।

शिक्षकों को कोचिंग: मानदेशी फाउंडेशन द्वारा मुंबई में करीब 15 से ज्यादा स्थानीय शिक्षकों को विशेष खेल कोचिंग दी गई है, ताकि वे बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण दे सकें।

खेल मैदानों का विकास: संस्था द्वारा जिले के 25 स्कूलों और आश्रमों में सीमित जगह होने के बावजूद आधुनिक खेल मैदान तैयार किए गए हैं। गीदम ब्लॉक के 15 स्कूलों और आश्रमों में यह काम पूरा हो चुका है।

मैदानों के संरक्षण का अभियान: संस्था खेल गतिविधियों को जारी रखने के लिए प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में खेल मैदानों के संरक्षण और विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

बदल रहा है बस्तर का परिदृश्य
दंतेवाड़ा में सचिन तेंदुलकर का आगमन स्थानीय खेल प्रेमियों और विशेषकर बच्चों के लिए एक सपने जैसा है। मानदेशी फाउंडेशन ने छोटे-छोटे स्कूलों में भी खेल के मैदान इस तरह तैयार किए हैं कि वहां विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित हो सकें। इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। छिंदनार, कासोली, गुमड़ा, कारली, और अन्य गांवों में तैयार किए गए मैदानों से न केवल खेल का स्तर सुधरेगा, बल्कि युवाओं को एक नया मंच मिलेगा।

यह पहल बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और खेल को उनके जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सचिन तेंदुलकर का दौरा निश्चित रूप से बस्तर की खेल प्रतिभाओं के लिए नए द्वार खोलेगा और उन्हें अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेगा।

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