भारत में आम को यूं ही “फलों का राजा” नहीं कहा जाता। देश में आम की सैकड़ों किस्में पाई जाती हैं, लेकिन इनमें कुछ ऐसी खास वैरायटी भी हैं जो अपनी दुर्लभता, स्वाद और क्वालिटी के कारण बेहद महंगी बिकती हैं। इन आमों की कीमत सुनकर आम आदमी हैरान रह जाता है। खास बात यह है कि इन प्रीमियम आमों की खेती देश के अलग-अलग राज्यों में की जाती है और हर किस्म की अपनी अलग पहचान है।
मियाज़ाकी आम: सबसे महंगा और लग्जरी फल
मियाज़ाकी आम दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। मूल रूप से जापान की यह किस्म अब भारत में भी उगाई जाने लगी है। खासकर मध्य प्रदेश के जबलपुर और बिहार के कुछ किसान इसकी खेती कर रहे हैं। इसका गहरा लाल रंग और अत्यधिक मिठास इसे खास बनाते हैं। बाजार में इसकी कीमत करीब 2 से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है इस आम की सुरक्षा के लिए बाउंसर और सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं।


अल्फांसो आम: महाराष्ट्र की शान
अल्फांसो आम को भारत का सबसे प्रीमियम आम माना जाता है। यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ क्षेत्रों में उगाया जाता है। इसका गूदा बेहद मुलायम, सुगंधित और स्वादिष्ट होता है। बाजार में इसकी कीमत आम किस्मों से कई गुना ज्यादा होती है और बेहतरीन क्वालिटी का एक बॉक्स 8,000 से 10,000 रुपये तक बिकता है।

नूरजहां आम: आकार में सबसे बड़ा
नूरजहां आम अपनी विशालता के लिए मशहूर है। यह आम मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में उगाया जाता है। एक-एक आम का वजन 2 से 3 किलो तक हो सकता है। अपने बड़े आकार और सीमित उत्पादन के कारण इसकी कीमत 500 से 1,500 रुपये प्रति फल तक होती है।

कोहितूर आम: दुर्लभ और खास देखभाल वाला फल
कोहितूर आम को आमों की दुनिया में बेहद खास माना जाता है। यह मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में उगाया जाता है। इसकी खेती बहुत सीमित मात्रा में होती है और इसे विशेष देखभाल की जरूरत होती है। यही वजह है कि यह बाजार में आसानी से नहीं मिलता और इसकी कीमत 500 से 1,500 रुपये प्रति पीस तक पहुंच जाती है।

केसर आम: गुजरात की खुशबूदार पहचान
केसर आम गुजरात की पहचान है। इसका रंग हल्का केसरिया और खुशबू बेहद आकर्षक होती है। स्वाद में मिठास और सुगंध के कारण यह आम काफी लोकप्रिय है। इसकी कीमत आमतौर पर 200 से 500 रुपये प्रति किलो के बीच रहती है।

भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा का प्रतीक है। देश के अलग-अलग राज्यों में उगने वाली इन महंगी किस्मों ने न केवल किसानों को नई पहचान दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय आम की मांग को मजबूत किया है। कुछ आम अपनी कीमत से चौंकाते हैं, तो कुछ अपने स्वाद और आकार से लोगों का दिल जीत लेते हैं।