रमेश गुप्ता दुर्ग, – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक संजय खंडेलवाल ने क्षेत्र में बढ़ती विद्युत दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उद्योग, खेती और घरेलू कार्यों में बिजली का उपयोग बढ़ने के साथ-साथ वितरण प्रणाली का भी विस्तार हुआ है। ऐसे में विद्युत उपकरणों और लाइनों के उपयोग में बरती गई जरा सी भी लापरवाही या अज्ञानता जानलेवा साबित हो सकती है।
कार्यपालक निदेशक ने हाल ही में हुई कई दुखद घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि नेवारीखुर्द, गुण्डरदेही, चरोदा, खुर्सीपार और साजा क्षेत्रों में हुई मौतों का मुख्य कारण सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और लापरवाही रहा है। जांच में पाया गया कि घरों के पास से गुजरती 11 केवी लाइनों के संपर्क में आने, लोहे की सीढ़ी या एंगल के टकराने और दीवारों पर पानी की तराई करते समय या राजमिस्त्रियों द्वारा निर्माण कार्य करते समय, बिजली लाइनों के करीब जाने से, खेतों में अवैध तरीके से बिजली प्रवाहित करने और ढीले व कटे-फटे तारों के उपयोग और जीआई तारों में कपड़े सुखाने के कारण ये हादसे हुए। सोलर पैनल लगवाते समय लोहे की सीढ़ी या एंगल का विद्युत लाइनों के करीब आना एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपभोक्ता यथासंभव 33 केवी, 11 केवी की हाई-वोल्टेज या निम्नदाब लाइनों के नीचे किसी भी तरह का निर्माण कार्य न करें। यदि निर्माण कार्य अत्यंत आवश्यक हो, तो विभाग में विधिवत आवेदन देकर लाइन शिफ्ट करा लें या फिर लाइनों से उचित सुरक्षित दूरी बनाकर ही कार्य करें, क्योंकि आपके जीवन से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। बिजली के उपयोग में थोड़ी सी भी अज्ञानता या लापरवाही न केवल आपके लिए, बल्कि आपके पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के कारण टूटे हुए तारों या गिरे हुए खंभों को छूने की गलती न करें, क्योंकि वे ऊर्जित हो सकते हैं। साथ ही, किसी भी प्रकार के खतरे जैसे ढीले तार या खुले ट्रांसफार्मर की सूचना तत्काल बिजली विभाग को दें ताकि समय रहते दुर्घटना को टाला जा सके। उपभोक्ता हाई-वोल्टेज लाइनों के पास धातु की सीढ़ी, लंबे पाइप या गीले बांस का उपयोग न करें, क्योंकि उच्च वोल्टेज बिजली हवा के माध्यम से भी करंट मार सकती है।
कार्यपालक निदेशक ने कहा कि जो भी व्यक्ति आपूर्ति लाईनो से अवैध कनेक्शन लेता है, कम खपत दर्ज करने के लिये मीटरों से छेड़छाड़ करता है या अनाधिकृत उद्देश्यों के लिये बिजली का उपयोग करता है, उनके विरूद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत कार्यवाही की जाती है। जिसमें जुर्माने के अतिरिक्त तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। कार्यपालक निदेशक ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी सुरक्षित बिजली उपयोग के प्रति प्रेरित करें, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं के खतरों से बचा जा सके।
बिजली लाइनों के पास लापरवाही पड़ सकती है भारी, ED संजय खंडेलवाल ने सुरक्षा नियमों के पालन की दी सख्त चेतावनी

20
Apr