बिलासपुर। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरपा नदी को फिर से स्वच्छ और अविरल बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। केन्द्रीय राज्यमंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर ₹248.43 करोड़ की पुनरुद्धार परियोजना को जल्द स्वीकृति देने की मांग की है। इस योजना को अरपा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
70 नालों का गंदा पानी रोका जाएगा, नदी तक पहुंचने से पहले ही होगा ट्रीटमेंट
तैयार की गई नई कार्ययोजना का मुख्य फोकस सीधे नदी में गिरने वाले दूषित जल को रोकना है। योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
शहर के करीब 70 नालों के पानी को बीच में ही इंटरसेप्ट किया जाएगा।
इसके लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी डाइवर्जन सीवर लाइन बनाई जाएगी।
गंदे पानी को नदी में जाने से पहले ही मोड़कर उपचार संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा।
17 किमी में दोनों किनारों पर बनेगा मजबूत ड्रेनेज नेटवर्क
योजना के तहत नदी के स्वरूप को सुधारने के लिए विस्तृत खाका तैयार किया गया है:
लगभग 17 किलोमीटर के दायरे में नदी के दोनों किनारों का व्यवस्थित विकास किया जाएगा।
एक मजबूत और सुनियोजित ड्रेनेज नेटवर्क तैयार होगा, जिससे शहर के सीवेज को नियंत्रित तरीके से डायवर्ट किया जा सके।
अत्याधुनिक STP से होगा पूरा शुद्धिकरण
पुरानी योजनाओं में बदलाव करते हुए अब आधुनिक तकनीक पर जोर दिया जा रहा है:
अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया जाएगा।
दूषित जल का वैज्ञानिक तरीके से पूर्ण शुद्धिकरण किया जाएगा, जिससे नदी की जल गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
57 इंटरसेप्शन पॉइंट और 13 डाइवर्जन वियर
तकनीकी रूप से इस योजना को काफी मजबूत बनाया गया है:
57 स्थानों पर इंटरसेप्शन और डाइवर्जन स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे।
13 डाइवर्जन वियर का निर्माण किया जाएगा।
पूरी योजना विशेषज्ञ संस्था द्वारा तैयार की गई है और इसे NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मानकों के अनुरूप बनाया गया है ताकि नदी की स्वच्छता लंबे समय तक बनी रहे।