पटना। बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना के अनुसार होने वाली इस बैठक को नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि बैठक के तुरंत बाद नीतीश कुमार राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस घटनाक्रम के बाद 15 अप्रैल को राज्य को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है।
भाजपा ने तेज की नए नेता के चयन की प्रक्रिया
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बीच भाजपा ने नए नेतृत्व के चयन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद एनडीए गठबंधन के घटक दलों जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रा), हम और रालोजद शामिल हैं, के विधायकों की संयुक्त बैठक होगी। इसी बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायकों का भारी बहुमत है।
सीएम की रेस में ये नाम सबसे आगे
बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, सियासी गलियारों में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के नाम की भी चर्चा जोरों पर है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि समीकरण पक्ष में रहे तो राबड़ी देवी के बाद श्रेयसी सिंह बिहार की दूसरी महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच सकती हैं। अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक की मौजूदगी में लिया जाएगा।
राजद ने पर्ची सिस्टम पर कसा तंज
इधर, विपक्ष ने भाजपा की इस कवायद पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राजद सांसद मनोज झा ने शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार कई संभावनाओं को पहले ही खारिज कर चुका है। उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि प्रभारी महोदय को भी शायद नहीं पता होगा कि किसे चुनना है, उन्हें भी पर्ची हवाई जहाज में सफर के दौरान ही दी जाएगी।