वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के माध्यम से ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समझौता नहीं हुआ, तो आज रात एक पूरी सभ्यता समाप्त हो सकती है। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक का समय देते हुए कहा कि वे विनाश नहीं चाहते, लेकिन समझौते के अभाव में यह संभव है। उन्होंने ईरान में हो रहे सत्ता परिवर्तन और वहां की जनता के भविष्य को लेकर भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई है।
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान दिया है कि ईरान के विरुद्ध सैन्य उद्देश्य लगभग पूरे हो चुके हैं और अब युद्ध के अंत का समय निकट है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं और समुद्री मार्गों पर खतरा उत्पन्न करने वाली उसकी शक्ति को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। वेंस के अनुसार, अब युद्ध का भविष्य और इसका समाधान ईरानी नेतृत्व और वहां की जनता के निर्णयों पर निर्भर करेगा।
रणनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और इजराइल ने ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर स्थित 50 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसके अतिरिक्त ईरान के रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एयर डिफेंस और मिसाइल यूनिट्स पर भी ताबड़तोड़ प्रहार किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से फारस की खाड़ी में ईरान की नौसैनिक पकड़ कमजोर हुई है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खुलवाने की रणनीति सफल हो सकती है।
हालांकि, इन सैन्य दबावों के बावजूद ईरान का रुख अब भी कड़ा बना हुआ है। ईरान ने एक दिन पहले ही अमेरिका के संघर्ष-विराम प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि जब तक हमले पूरी तरह बंद नहीं होंगे, किसी भी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है। अब पूरी दुनिया की नजरें राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र के भविष्य और वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।