वाशिंगटन। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध ने युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए नई समय सीमा निर्धारित की है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों सहित बुनियादी ढांचे पर भीषण हमला करेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यदि तय समय तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह हमला ईरान के ऊर्जा क्षेत्र और संचार व्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर सकता है। ट्रंप ने पहले सोमवार तक का समय दिया था, जिसे अब तीसरी बार बढ़ाकर मंगलवार शाम तक कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में बातचीत जारी है और समझौते की संभावना है, लेकिन यदि ईरान पीछे हटता है, तो सैन्य कार्रवाई निश्चित है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बाधित कर दी थी। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। ट्रंप की इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसके संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी पर ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बघर गालिबफ ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ये लापरवाह कदम पूरे मध्य पूर्व को युद्ध की आग में झोंक सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में काम कर रहा है। गालिबफ ने चेतावनी दी कि किसी भी युद्ध अपराध से अमेरिका को कुछ हासिल नहीं होगा और इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव स्वयं अमेरिका के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार रात की समय सीमा पर टिकी हैं।