रायपुर। सनातन धर्म में प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह को समर्पित है। इसी कड़ी में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश और ग्रहों के राजकुमार बुध का माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, संवाद और व्यापार का मुख्य कारक ग्रह माना गया है। दरअसल, कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी कारोबार में लगातार नुकसान होता रहता है, जिसका एक बड़ा कारण कुंडली में बुध दोष का होना हो सकता है। मैदानी सूत्रों और ज्योतिषियों का मानना है कि यदि बुध की स्थिति ठीक न हो, तो व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ता है।
बुध दोष के लक्षण और कारोबार पर प्रभाव
ज्योतिष गणना के अनुसार, जब कुंडली में बुध ग्रह पर राहु, केतु, शनि या मंगल का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है या वह नीच राशि में स्थित होता है, तब बुध दोष उत्पन्न होता है। इसके लक्षणों में व्यवसाय में अचानक घाटा, आर्थिक अस्थिरता और सही निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति पैदा होना शामिल है। गौरतलब है कि यह दोष व्यक्ति की तर्क शक्ति को कमजोर कर देता है, जिससे चलते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। अगर आप भी व्यापार में ऐसी ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो बुधवार के दिन कुछ विशेष उपाय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
बुधवार को करें ये विशेष उपाय
भगवान गणेश की आराधना: बुधवार के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। गणपति को बुद्धि का देवता और विघ्नहर्ता माना जाता है, जो व्यापार की बाधाएं दूर करते हैं।
पन्ना रत्न का प्रयोग: ज्योतिषी की सलाह लेकर पन्ना रत्न धारण करना बुध को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका है। इससे मानसिक स्पष्टता आती है और कारोबार में लाभ के अवसर बढ़ते हैं।
सेवा और दान का महत्व: इस दिन किन्नरों को दान देकर उनका आशीर्वाद लेना बेहद शुभ माना गया है। इसके अलावा गाय को हरा चारा खिलाने से भी बुध ग्रह की प्रतिकूलता कम होती है।
हरी मूंग का दान: बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल का दान करने से आर्थिक तंगी में सुधार आता है।
मंत्र जाप और व्यवहार: ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का रोजाना 108 बार जाप करें। साथ ही अपने व्यवहार में विनम्रता लाएं और झूठ बोलने से बचें, क्योंकि बुध वाणी का कारक है।