राधे कृष्ण आइल प्लांट के सामने ठेकेदार द्वारा पाइप लगाकर क्रासिंग बंद किए जाने कामचलाउ कार्य किया जा रहा

आंदोलन की तिथि खत्म हुई अब होगा आंदोलन 0
0एसडीएम व सीएमओ के आदेश की ठेकेदार कर रहा अनदेखा 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली। बैतारी स्थित राधे कृष्णा आइल प्लांट के सामने अनावश्यक व खतरनाक ढंग से छोड़े गए क्रासिंग को एसडीएम व सीएमओ द्वारा ठेकेदार को आदेश दिए जाने के डेढ़ महीने बाद भी डिवाइडर निर्माण न कर दो पाइप के सहारे क्रासिंग बंद किया जाकर लापरवाही बरतते हुवे कार्य किया जा रहा है । कुछ दिनों तक इस तरह रखे जाने के बाद इस पाइप को हटाकर पुनः पुरानी स्थिति बनाकर आइल प्लांट को क्रासिंग का लाभ दिया जा सकता है । ठेकेदार द्वारा जिस तरह से इस क्रासिंग को बंद किए जाने में लापरवाही बरती जा रही है तथा प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशो की लगातार अवहेलना कि जा रही है व जानबूझकर क्रासिंग निर्माण में कोताही बरती जा रही है यह एक गंभीर मामला है साथ ही ठेकेदार द्वारा जिस तरह आदेशो कि अवहेलना करते हुवे आइल मिल को क्रासिंग बंद न कर लाभ पहुंचाया जा रहा है इससे उस आशंका को प्रबल करता है जिसमें कहा गया था कि ठेकेदार व मिल मालिक एक दूसरे के रिश्तेदार होने की संभावना को बल मिलता है ।
जब इसकी जानकारी सीएमओ दिनेश यादव को दी गई तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार को दोबारा नोटिस जारी किया गया है व क्रासिंग को तो एसडीएम के आदेश के पालन के तहत बंद कराया ही जायेगा ।
ठेकेदार द्वारा क्रासिंग को बंद नहीं किया जाना एक ओर प्रशासनिक आदेश की ठेकेदार द्वारा अवहेलना किया जाने के साथ ही घोर लापरवाही बरते जाने का यह एक नमूना है । इस संबंध में उक्त क्रासिंग से हो रही परेशानियों व संभावित दुर्घटनाओं की आशंका से संबंधित कई बार समाचार प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया था व प्रशासन इसे संज्ञान में भी लेकर कार्यवाही के रहा है । क्रासिंग को बंद किए जाने हेतु शिकायतकर्ता द्वारा 25 मार्च तक का समय दिया गया था जो कि समाप्त हो चुका है अब आंदोलन किए जाने का रास्ता भी साफ हो गया है ।
ज्ञातव हो कि पूर्व में ठेकेदार द्वारा क्रासिंग को डिवाइडर निर्माण से बंद किए जाने के स्थान पर क्रासिंग के किनारे 3 बड़े बड़े सीमेंट का पत्थर लगाकर अस्थाई तौर पर क्रासिंग को छोटा किए जाने का असफल प्रयास किया गया था जबकि इस क्रासिंग को डिवाइडर बनाकर बंद किया जाना है । अब उन पत्थरों के साथ लोहे का एंगल लगाकर उसे सड़क में नट बोल्ट लगाकर दोनों तरफ दो दो लोहे के पाइप लगाकर बंद किया जा रहा है जो असुरक्षित तो है ही इससे यहां कभी भी कोई घटना घट सकती है ।
ज्ञातव्य हो कि इस क्रासिंग को जनहित , बेहतर व सुरक्षित यातायात को ध्यान में रखते हुवे “आज की जनधारा” द्वारा लगातार समाचार प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जाता था ।
वहीं नगर में चर्चा है कि प्लांट व ठेकेदार एक दूसरे के रिश्तेदार हैं संभवत यही कारण होने के कारण प्लांट को व्यवसायिक फायदे व सुविधाओं का फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से भी क्रासिंग को बंद किए जाने में ठेकेदार द्वारा कहीं लापरवाही तो नहीं बरती जा रही है ?

ज्ञातव्य हो कि क्रासिंग बंद किए जाने का लगातार समाचार प्रकाशन व शिकायतों के बाद जांच उपरांत विगत 12/2/26 को एसडीएम अनुपमा आनंद द्वारा सीएमओ दिनेश यादव को क्रासिंग बंद किए जाने से संबंधित आदेश दिया गया था । जिसके परिपालन में सीएमओ द्वारा 18/2/26 को संबंधित ठेकेदार को क्रासिंग बंद किए जाने का आदेश दिया गया था । किंतु एक माह बाद भी जब क्रासिंग बंद नही किया गया तो शिकायत कर्ता द्वारा पुनः 18/3/26 को एसडीएम को एक सप्ताह के अंदर बंद नहीं किए जाने की चेतावनी के साथ आंदोलन किए जाने संबंधित पत्र सौंपा गया था ।। जिसका अंतिम दिन 25 मार्च को समाप्त हो चुका है । इस बीच ठेकेदार द्वारा उक्त क्रासिंग में 3 बड़े बड़े सीमेंट के पत्थर लगा दिया गया था ताकि क्रासिंग छोटा दिखे । समाचार प्रकाशन के बाद ठेकेदार द्वारा अब पत्थरों को हटाकर अस्थाई तौरवर लोहे के पाइपों से क्रासिंग बंद किया जा रहा है । ठेकेदार व संबंधित जनप्रतिनिधियों के व्यवहार से ऐसा लगता है कि वे प्लांट से संबंध निभाने के चक्कर में आम जनता के जान से खेलने का खतरा मोल ले रहे हैं तो वहीं ठेकेदार द्वारा एक प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के बंद किए जाने के स्पष्ट आदेशों की भी घोर अवहेलना की जा रही है ।
ठेकेदार के इस कृत्य से प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों की छवि भी आम जनता व विभाग में धूमिल हो रही है उनकी प्रशासनिक क्षमताओं पर भी सवाल भिभूताया जायेगा । जिसके परिणाम स्वरूप अन्य कोई भी अधीनस्थ अधिकारी हो या आम जनता एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश के परिपालन में कोताही बरती जाएगी तो प्रशासनिक दबाव का संदेश भी प्रभावित होगा व ऐसे आदेशों को नजरअंदाज किए जाने की संख्याओं में बढ़ोतरी भी होगी ।
इस संबंध में एसडीएम व सीएमओ को तत्काल संज्ञान में लेते हुवे उक्त ठेकेदार पर आदेशों की अवहेलना किए जाने संबंधित कार्यवाही करनी चाहिए व तत्काल प्रभाव से उक्त क्रासिंग को डिवाइडर निर्माण के बंद किए जाने का कठोर आदेश दिया जाना चाहिए ।

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