झारखंड एयर एंबुलेंस क्रैश: 40 साल पुराने विमान का इमरजेंसी लोकेशन ट्रांसमीटर नहीं हुआ था सक्रिय, जांच रिपोर्ट में खुलासा

रांची। झारखंड के चतरा में 23 फरवरी को हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुर्घटना के समय विमान का आपातकालीन लोकेशन ट्रांसमीटर (ईएलटी) सक्रिय नहीं हो पाया था। गौरतलब है कि रांची से दिल्ली जा रहा यह विमान उड़ान भरने के मात्र 17 मिनट बाद ही क्रैश हो गया था।

बता दें कि रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का यह बीचक्राफ्ट सी90ए विमान लगभग 40 साल पुराना था। मैदानी सूत्रों ने बताया कि विमान ने 23 फरवरी की शाम 7 बजकर 07 मिनट पर रांची एयरपोर्ट से 830 लीटर ईंधन के साथ उड़ान भरी थी, लेकिन शाम 7 बजकर 24 मिनट पर यह चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगली इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान पूरी तरह नष्ट हो गया और उसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान में दो पायलट, दो चिकित्साकर्मी, एक मरीज और दो सहायक सवार थे। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. ने बताया था कि प्राथमिक तौर पर आंधी-तूफान को क्रैश की वजह माना गया था। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई थी।

दरअसल, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि आपातकालीन लोकेशन ट्रांसमीटर ने काम क्यों नहीं किया। ईएलटी एक ऐसा उपकरण है जो दुर्घटना की स्थिति में बचाव दलों को विमान की सटीक लोकेशन भेजने में मदद करता है। फिलहाल एएआईबी की विस्तृत जांच जारी है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

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