मथुरा। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रवास के दौरान आज कान्हा की नगरी वृंदावन पहुँचीं। यहाँ उन्होंने प्रख्यात संत श्री प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और केली कुंज आश्रम में उनसे विशेष मुलाकात की। राष्ट्रपति ने न केवल महाराज श्री का सत्संग सुना, बल्कि उनके साथ ‘एकांतिक वार्तालाप’ भी किया। इस दौरान दोनों के बीच देश की सांस्कृतिक विरासत, अध्यात्म, निस्वार्थ सेवा और जन-कल्याण जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हुई।
संत प्रेमानंद महाराज का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश की गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और समाज को सकारात्मक दिशा दिखाने में संत समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रेमानंद महाराज के दर्शन के बाद राष्ट्रपति का अगला पड़ाव उड़िया बाबा आश्रम और नीम करोरी बाबा आश्रम होगा। इसके साथ ही वे वात्सल्य ग्राम का भी दौरा करेंगी।
राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। 21 मार्च को प्रस्तावित गोवर्धन परिक्रमा के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान राष्ट्रपति को बंदरों के आतंक से बचाने के लिए प्रशासन ने रूट पर जगह-जगह लंगूरों के कटआउट्स भी लगाए हैं। बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अमले ने पूरे रूट पर फुल ड्रेस रिहर्सल कर यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।