कॉरपोरेट जगत में एक ऐसा बदलाव आ रहा है जो आने वाले समय में दफ्तरों का हुलिया पूरी तरह बदल देगा। ResumeBuilder की मार्च 2026 की एक ताजा स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि करीब 90 प्रतिशत कंपनियां अब अपने कर्मचारियों की छुट्टी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं, बशर्ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उनका काम संभाल ले। अब कंपनियां ‘इंसानी दिमाग’ के बजाय ‘मशीनी रफ्तार’ पर दांव लगा रही हैं।
क्यों ‘आउट’ हो रहे हैं इंसान?
सर्वे में शामिल बिजनेस लीडर्स का मानना है कि AI न केवल काम को तेजी से निपटाता है, बल्कि इससे लंबी अवधि में खर्च भी कम होता है। कंपनियां अब नई भर्तियों के बजाय अपनी पूंजी को AI इंफ्रास्ट्रक्चर में झोंक रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, तो कई मैनेजमेंट उसे भरने के बजाय उस काम को ऑटोमेशन पर डालने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अमेजन बना इस ट्रेंड का चेहरा
दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है। कंपनी ने हाल ही में 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। अमेजन के सीईओ एंडी जैसी का पूरा फोकस अब अपने क्लाउड प्लेटफॉर्म AWS के जरिए AI साम्राज्य खड़ा करने पर है। उन्हें उम्मीद है कि यह निवेश कंपनी के बिजनेस को भविष्य में 600 बिलियन डॉलर (करीब 55 लाख करोड़ रुपये) के पार ले जाएगा।
धीमा जॉब मार्केट बना ‘हथियार’
हैरानी की बात यह है कि कंपनियां इस समय को एक ‘सुनहरे मौके’ के रूप में देख रही हैं। चूंकि अभी ग्लोबल जॉब मार्केट थोड़ा सुस्त है, इसलिए कंपनियां बिना किसी बड़े विरोध या शोर-शराबे के छंटनी और ऑटोमेशन के कड़े फैसले लागू कर पा रही हैं। यह साफ है कि आने वाले समय में दफ्तरों में केबिन कम और सर्वर ज्यादा नजर आएंगे।