मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह जबरदस्त कोहराम देखने को मिला। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई आग ने दलाल स्ट्रीट पर सुनामी ला दी है। बाजार खुलते ही महज 5 मिनट के भीतर निवेशकों के लगभग 8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
विदेशी तनाव से झुलसा घरेलू बाजार
दुनिया भर के बाजारों में मची खलबली का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती खींचतान की वजह से ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) 112 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गया है। कच्चे तेल के दामों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है, जिसके चलते दुनिया भर में भारी बिकवाली शुरू हो गई। इसी वैश्विक बिकवाली की आंच ने आज हमारे घरेलू बाजार को भी अपनी चपेट में ले लिया।
सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट
गिरावट के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद गंभीर नजर आती है। BSE सेंसेक्स करीब 1800 अंकों (2.35%) का भारी गोता लगाकर 74,869 के स्तर पर आ गिरा। वहीं, निफ्टी 50 भी 532 अंक (2.23%) टूटकर 23,238 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है। यह गिरावट इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाली है क्योंकि महज एक दिन पहले बाजार में रौनक थी और सेंसेक्स 76,700 के पार बंद हुआ था।
हर सेक्टर में मची बिकवाली की आंधी
बाजार में गिरावट इतनी चौतरफा है कि सेंसेक्स में शामिल सभी 30 दिग्गज शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी मजबूत कंपनियों के शेयर भी औंधे मुंह गिरे हैं। आज ट्रेड हो रहे 2006 शेयरों में से 1390 शेयर भारी गिरावट का शिकार हैं, जबकि केवल 469 शेयर ही किसी तरह हरे निशान में टिक पाए हैं।