गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिला अस्पताल में एक ऐसी हैरतअंगेज घटना घटी, जिसने विज्ञान और डॉक्टरी दावों को चुनौती दे दी। अस्पताल के मर्चुरी (मुर्दाघर) में जिस युवक को मृत समझकर पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था, वह अचानक जिंदा हो उठा। युवक को नग्न अवस्था में मर्चुरी से बाहर भागते देख अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
सल्फास खाकर खुदकुशी की थी कोशिश
जानकारी के मुताबिक, 20 वर्षीय युवक जॉन पार्टी मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी परेशानी में उसने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे ‘मृत’ घोषित कर दिया। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया गया।
ठंडी मेज पर आते ही लौट आई ‘जान’
असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब युवक को पोस्टमार्टम की ठंडी मेज पर लिटाया गया। चीर-फाड़ की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि अचानक युवक के शरीर में हलचल हुई और वह उठकर बैठ गया। होश में आते ही युवक बदहवास हो गया और बिना कपड़ों के ही मर्चुरी से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। मुर्दाघर से ‘लाश’ को जिंदा भागते देख वहां तैनात कर्मचारी और राहगीर दहशत में आ गए।
स्वास्थ्य व्यवस्था और संवेदनशीलता पर बड़े सवाल
इस घटना ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों की लापरवाही को बेनकाब कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि बिना पुख्ता जांच के किसी जीवित व्यक्ति को मृत कैसे घोषित कर दिया गया? अगर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो जाती, तो इस लापरवाही का अंजाम बेहद खौफनाक हो सकता था। फिलहाल इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।