छत्तीसगढ़ में मनरेगा और वीबी-जी राम जी को लेकर सियासत तेज, उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। एक ओर कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विधानसभा घेराव कर विरोध जताया, वहीं दूसरी ओर राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है।

विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस केवल गांधी जी के नाम पर राजनीति करती रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी उनके बताए रास्तों और आदर्शों पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी-जी राम जी योजना पुराने कानून को खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लाई गई है। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि आखिर मनरेगा और नई व्यवस्था में क्या अंतर है?

उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि मनरेगा में मुख्य रूप से रोजगार और अधोसंरचना निर्माण के दो प्रावधान थे। इसके विपरीत वीबी-जी राम जी में रोजगार और अधोसंरचना के साथ-साथ आजीविका का तीसरा महत्वपूर्ण प्रावधान भी जोड़ा गया है। आज के समय में आजीविका पर ध्यान देना देश की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब पुरानी व्यवस्था के सभी लाभ सुरक्षित रखते हुए एक नया बेहतर प्रावधान जोड़ा गया है, तो इसमें गलत क्या है।

उल्लेखनीय है कि विधानसभा में कांग्रेस ने मनरेगा के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया था, जिसे स्वीकार नहीं किए जाने पर विधायकों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और रोजगार के अवसरों में कटौती की जा रही है। इन्हीं आरोपों के बीच सरकार ने नई व्यवस्था के फायदों को गिनाते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा है।

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