ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव शनिवार को और अधिक गहरा गया। ईरान ने युद्ध के 49वें दौर में ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 की शुरुआत की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारी मात्रा में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में स्थित तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों के जवाब में एक जवाबी कार्रवाई हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले में द्वीप पर स्थित 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल बंकर, नेवल माइन स्टोरेज और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, तेल से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी का कहना है कि खार्ग द्वीप पर स्थिति अब नियंत्रण में है और वहां का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है।
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने भी अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया है। इजरायली हमलों में खातम अल-अनबिया इमरजेंसी कमांड के दो वरिष्ठ अधिकारी अब्दोल्लाह जलाली-नासब और अमीर शरीअत के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 200 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इसमें दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार स्टोरेज केंद्र शामिल थे, जिनका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को कम करना बताया गया है।
इस क्षेत्रीय संघर्ष का असर पड़ोसी देशों में भी देखा जा रहा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में शुक्रवार को 10 ड्रोन को नष्ट किया गया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना मिली, जहां वहां का एयर डिफेंस सिस्टम हमलों को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है। पूरे क्षेत्र में चल रहे इन हमलों के कारण युद्ध का दायरा लगातार फैलता जा रहा है।