रायपुर। वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की खुफिया इकाई (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने कर चोरी के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी अमन सिंह को दबोच लिया है। कबीर नगर निवासी अमन पर लगभग $12.5$ करोड़ रुपये के राजस्व को चपत लगाने का गंभीर आरोप है। लंबे समय से फरार चल रहे इस जालसाज को तकनीकी सर्विलांस की मदद से 14 मार्च 2026 को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी ने ‘हिंदुस्तान कॉरपोरेशन’ (M/s Hindustan Corporation) नामक एक डमी फर्म बना रखी थी। जब DGGI की टीम ने घोषित पते पर दबिश दी, तो वहां इस कंपनी का कोई वजूद ही नहीं मिला; यह पूरी कंपनी सिर्फ फाइलों और कागजों तक सीमित थी। आरोपी का मुख्य पेशा बिना किसी माल की सप्लाई किए केवल फर्जी इनवॉइस (बिल) का खेल खेलना था, ताकि सरकारी खजाने को चूना लगाकर अन्य कंपनियों को अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फायदा पहुंचाया जा सके।
विभाग के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे से शासन को $12.5$ करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय नुकसान हुआ है। गिरफ्तारी से बचने के लिए अमन सिंह पिछले एक साल से अधिकारियों को छका रहा था और कई समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं हो रहा था। हालांकि, पुख्ता सबूतों के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और रायपुर अदालत में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अब DGGI की टीम इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि उन ‘लाभार्थी’ कंपनियों और चेहरों को बेनकाब किया जा सके जिन्होंने इस फर्जीवाड़े के जरिए टैक्स चोरी की है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर घोटाले की रकम और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की संख्या और भी बढ़ सकती है।