नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण रसोई गैस की आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है, जिससे देश भर में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत उत्पन्न हो गई है। आम जनता से लेकर बड़े संस्थानों तक इस संकट की चपेट में हैं। बुधवार को लोकसभा में भी गैस की कमी को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित रही।
संकट का असर अब खान-पान की सेवाओं पर साफ दिखने लगा है। अयोध्या में राम मंदिर के निकट स्थित श्री राम रसोई में गैस की कमी के कारण भोजन वितरण को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में गैस खत्म होने से मेन कोर्स सेवा बंद कर दी गई है। वकीलों के लिए फिलहाल केवल सैंडविच, सलाद और फ्रूट चाट जैसे सीमित विकल्प ही उपलब्ध हैं।
चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस न होने के कारण मेनू में भारी कटौती करनी पड़ी है। डोसा और फ्राइड राइस जैसे व्यंजन बनाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि इनके लिए एलपीजी की निरंतर आपूर्ति आवश्यक है। होटल मालिकों ने बताया कि उनके पास केवल एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है, जबकि गैस की अगली खेप 28 मार्च तक आने की संभावना है।
रेलवे सेवा भी इस संकट से अछूती नहीं है। आईआरसीटीसी ने रेलवे स्टेशनों पर स्थित कैटरिंग यूनिट्स को निर्देश दिए हैं कि वे गैस की जगह माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करें। साथ ही, इमरजेंसी के लिए रेडी-टू-ईट भोजन का स्टॉक रखने को कहा गया है।
देश के कई अन्य शहरों जैसे भोपाल, चंडीगढ़ और बिहार के विभिन्न जिलों में भी गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम के फेल होने से आम नागरिक घंटों लाइन में लगकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं। गैस कंपनियों के अनुसार आपूर्ति में बाधा के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है, जिसके चलते प्रशासन ने वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी है।