एनजीओ के नाम पर पति-पत्नी पर ठगी का आरोप, ग्रामीणों ने थाना सारंगढ़ में सौंपा आवेदन

सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम ग्वालीनडीह में संचालित एक कथित एनजीओ के माध्यम से महिलाओं से निवेश कराने के मामले ने अब पुलिस तक दस्तक दे दी है। गांव के ग्रामीणों एवं महिलाओं ने 13 जुलाई 2026 को थाना सारंगढ़ पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ युवा समाज सुधार समिति एवं “नारी रक्षा सम्मान निधि योजना” के नाम पर उन्हें आर्थिक लाभ का झांसा देकर बड़ी राशि जमा कराई गई। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई एवं जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि समिति के अध्यक्ष दिनेश बंजारे, उनकी पत्नी उत्तम बंजारे तथा उनके सहयोगियों ने गांव-गांव जाकर महिलाओं को माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से ऋण लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद महिलाओं से कहा गया कि ऋण की राशि “नारी रक्षा सम्मान निधि योजना” में निवेश करने पर 20 से 24 माह में राशि दोगुनी हो जाएगी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि संस्था स्वयं बैंक की मासिक किश्त जमा करेगी और प्रत्येक माह आर्थिक सहायता अथवा अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।
शिकायत के अनुसार, इन दावों से प्रभावित होकर महिलाओं ने ₹35 हजार से लेकर ₹2 लाख तक की राशि निवेश की। आवेदन में उल्लेख है कि कई महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से ऋण लेकर, धान विक्रय से प्राप्त राशि तथा अपनी व्यक्तिगत बचत कथित योजना में यह राशि संस्था से जुड़े लोगों को नकद रूप में जमा की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब न तो जमा की गई राशि वापस मिल रही है और न ही ऋण की किश्तों का भुगतान संस्था द्वारा किया जा रहा है। इसके कारण अनेक परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और महिलाओं पर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की किश्तें चुकाने का दबाव बढ़ गया है।
शिकायतकर्ताओं ने थाना प्रभारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित महिलाओं की जमा राशि और ऋण की किश्तों की वापसी सुनिश्चित कराई जाए।
वहीं पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले को जांच में लेने की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

फेडरल एवं नैबकींस माइक्रो फाइनेंस ने दिया लोन

इस मामले में महिलाओं को सबसे ज्यादा लोन फेडरल एवं नैबकींस माइक्रो फाइनेंस ने दिया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ युवा समाज सुधार समिति के अध्यक्ष दिनेश बंजारे के नारी रक्षा सम्मान निधि योजना में निवेश एक लिए प्रोत्साहित करने के लिए कमीशन पर एजेंट रखा था जो महिलाएं निवेश के लिए तैयार होती उन्हें ऋण दिलाने पहले माइक्रो फाइनेंस बैंक के कर्मचारियों को घर भेजता और ऋण की पूरी प्रकिया करने के बाद अगले दिन उन महिलाओं को बैंक से राशि का भुगतान कर दिया जाता जिसे नगद दिनेश बंजारे या उसके टीम महिलाएं देती जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत का अंदेशा है।

जमा रकम पर रसीद नहीं सिर्फ कोरा स्टाम्प पर भरोसा

नारी रक्षा सम्मान निधि के नाम पर जमा ली गई राशि नगद में है जिसका रसीद भी लोगों को नहीं दी गई है वहीं कुछ लोगों को आसानी से बिस्वास हो जाए इसके लिए कोरा स्टाम्प भरोसे के लिए दी गई जो पुलिस की विवेचना में सामने आयेगा।

वर्सन निमिषा पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सारंगढ़

महिलाओं की शिकायत को स्वीकर कर विवेचना में लिया गया है जांच में ठगी का मामला पाया जाता है तो विधिवत कार्रवाई कर अपराध पंजीबद्ध की जायेगी

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