सचिव के अड़ियल रवैये से परेशान ग्रामीण, पंचायत कार्यालय आने से बना रहे दूरी

ग्राम पंचायत चाचीडाड 2 में लोगों के काम प्रभावित होने का आरोप

राजा खान/प्रतापपुर जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चाचीडाड 2 में पंचायत सचिव रामसती सुरता के कार्यशैली और व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव के अड़ियल रवैये के कारण पंचायत के सामान्य कार्य भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पंचायत से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए ग्रामीणों को कई बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में प्रमाण पत्र, योजनाओं से संबंधित जानकारी, मजदूरी भुगतान, आवेदन सत्यापन एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव द्वारा लोगों से ठीक ढंग से बात नहीं की जाती, जिससे पंचायत में लोगों के बीच नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के मुताबिक पहले पंचायत कार्यालय में लोगों की आवाजाही बनी रहती थी, लेकिन अब सचिव के व्यवहार से परेशान होकर कई लोग पंचायत जाने से भी बचने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र होना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों को राहत मिलने के बजाय और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामला अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चाचीडाड 2 का है। ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि आम ग्रामीणों के कार्य समय पर हो सकें और उन्हें बार-बार भटकना न पड़े।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर शिकायत करने को मजबूर होंगे। वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

इस संबंध में जब जनपद पंचायत प्रतापपुर के सीईओ अनिल कुमार तिवारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि,
“मुझे इस मामले की जानकारी मिली है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि पंचायत सचिव दोषी पाए जाते हैं तो नियमानुसार उचित कार्यवाही की जाएगी।”
सीईओ के इस बयान के बाद अब ग्रामीणों को प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की उम्मीद है।

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