Tribal society- आदिवासी समाज ने किया आदर्श सामूहिक विवाह का आयोजन

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने वर-वधु को दी बधाई

बलौदाबाजार।  सर्व आदिवासी समाज द्वारा फिजुल खर्च को रोकने तथा समाज में आदर्श विवाह को प्रमुखता देने सामुहिक विवाह का आयोजन लाहोद के पुलिस ग्राउंड में किया गया जिसमें 29 जोडे विवाह सूत्र में बंधकर नवजीवन में प्रवेश किया। इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के मुखिया व प्रदेश के कृषि मंत्री राम विचार नेताम पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित होकर नवविवाहित जोडों को आशिर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर समाज की मांग पर लगने सामुदायिक भवन व पलारी व सिमगा में सर्व सुविधायुक्त छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल बनवाने की घोषणा की। बावनगढ़ तुरतुरिया लवन आदिवासी समाज द्वारा लाहोद के पुलिस मैदान में आदर्श सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया जिसमें 29 जोड़े नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया। सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ आदर्श विवाह संपन्न हुआ। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज द्वारा बढ़ते शादी विवाह आयोजन में फिजुल खर्च रोकने इसका आयोजन किया गया है और इसका पूरा खर्च आदिवासी समाज ने उठाया है यह बहुत अच्छी पहल है। इस अवसर पर उन्होंने नव दाम्पत्य जीवन प्रवेश कर रहे वर वधुओं को आशिर्वाद प्रदान कर उपहार भेंट किया।

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मंत्री रामविचार नेताम से जब पुछा गया कि शराब एक सामाजिक बुराई है पर प्रदेश शासन नये दुकान खोल रही है इस पर बचते हुए कहा कि शराब सामाजिक बुराई है इसे जनजागरण से रोका जा सकता है वही उन्होंने कहा कि नये दुकान खोलने परीक्षण चल रहा है अभी खुला नहीं है।

आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश धुव ने कहा कि आदिवासी समाज विगत 14 वर्षों से आदर्श सामुहिक विवाह का आयोजन कर रहा है आज इसमें 29 जोडों का विवाह संपन्न हुआ है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, डा सनम जांगड़े, सहित आदिवासी समाज के प्रमुख जन सहित हजारों की संख्या में आदिवासी समाज की महिला पुरुष उपस्थित थे।

महिला बाल विकास व जनसंपर्क नदारद

मंत्री रामविचार नेताम जब शासन की योजनाओं की जानकारी आदिवासी समाज को दे रहे थे उसी दौरान उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को पुकारा पर विभाग से कोई उपस्थित नहीं था उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग को रहना था। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज बहुत ही स्वाभिमानी समाज है एक दो बार निवेदन करता है और कोई नहीं सुनता तो वे फिर नहीं कहते हैं अपना काम स्वयं कर लेते हैं पर मौका पड़ने पर बताते जरूर है। वही कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग भी नजर नहीं आया जबकि यह मंत्री जी का कार्यक्रम था।

कृषि मंत्री के विवाह कार्यक्रम में पहुंचने पर आदिवासी समाज ने अपने परंपरागत रीतिरिवाजों के साथ मंत्री सहित अतिथियों का आदिवासी पगड़ी पहनाकर व पीला चावल टीक कर फुल माला से स्वागत किया वही मंत्री नेताम सहित अतिथियों ने आराध्य देव की पूजा अर्चना कर समाज के भवन के लिए भूमिपूजन किया।

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