तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता अब समाप्त होती दिख रही है। थलपति विजय की पार्टी तमिलिगा वेट्री कझगम को वामपंथी दलों और वीसीके का बड़ा समर्थन मिल गया है। सीपीआई, सीपीएम और विदुथलाई चिरुथैगल काची ने विजय को अपना समर्थन देने का औपचारिक फैसला किया है। इस नए गठबंधन के साथ टीवीके अब राज्य में बहुमत के जादुई आंकड़े 118 को पार कर चुकी है, जिससे विजय के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से 10 कदम दूर रह गई थी। सबसे पहले कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन देकर विजय की ताकत को 113 तक पहुंचाया। अब सीपीआई के 2, सीपीएम के 2 और वीसीके के 2 विधायकों के जुड़ने से गठबंधन का कुल आंकड़ा 119 पहुंच गया है। यह संख्या सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से एक अधिक है। शाम को होने वाली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गठबंधन का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
इससे पहले थलपति विजय ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राज्यपाल ने राजभवन में बहुमत साबित करने के बजाय 118 विधायकों के हस्ताक्षर की सूची मांगी थी। दो बार खाली हाथ लौटने के बाद विजय ने समय मांगा था ताकि वे अन्य दलों के साथ पोस्ट पोल अलायंस कर सकें। राज्यपाल के इस कड़े रुख की कानूनी विशेषज्ञों ने आलोचना भी की थी, जिनका मानना था कि बहुमत का परीक्षण राजभवन के बजाय विधानसभा के पटल पर होना चाहिए।
अब चार प्रमुख दलों के समर्थन के साथ थलपति विजय जल्द ही राज्यपाल से दोबारा मुलाकात करेंगे। वे सभी 119 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। वामपंथी और दलित केंद्रित दलों का यह साथ आना तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत माना जा रहा है। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच विजय के आवास पर हलचल तेज है और समर्थकों में जश्न का माहौल है।