शिक्षकों ने समझा चेतना विकास मूल्य शिक्षा का महत्व

नई शिक्षा नीति 2020 पर गहन चर्चा
चारामा विकासखंड चारामा के अंतर्गत संकुल केंद्र भर्रीटोला के 30 शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शासकीय उमावि भर्रीटोला के शिक्षकों का चेतना विकास मूल्य शिक्षा आधारित पांच दिवसीय कार्यशाला 24 अप्रेल को संपन्न हुआ । इस कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन हेतु एससीईआरटी रायपुर द्वारा नियुक्त प्रबोधक श्री चंद्रहास साहू उच्च श्रेणी शिक्षक डोकला एवं श्री उदय राम जैन व्याख्याता देवीनवागांव ने संबोधित करते हुए नई शिक्षा नीति के मूल बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके सफल क्रियान्वयन हेतु चेतना विकास मूल्य शिक्षा की आवश्यकता व अनिवार्यता पर बल देते हुए इसके द्वारा मानव के अध्ययन को शिक्षा का मानवीकरण बताया । मानव जीवन और शरीर का सम्मिलित स्वरूप है उन्होंने प्रस्ताव विधि से बिना जांचे परखे न स्वीकारने पर बल दिया और स्वयं में निरीक्षण, परस्परता में परीक्षण व सार्वभौम में सर्वेक्षण से स्वयं में सत्य खोजना चाहिए जिससे स्थाई सुख प्राप्त हो, प्रबोधकों द्वारा सहभागी चर्चा के माध्यम से कीमत और मूल्य में अंतर बताते हुए उपयोगिता मूल्य एवं श्रम मूल्य के महत्व को समझा । प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मानवीय मूल्यों की स्थापना करना है ,उन्होंने सह-अस्तित्ववाद मध्यस्थ दर्शन के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा जीना दो प्रकार से होता है- मानकर और जानकर । जानकर जीने से स्थाई सुख की प्राप्ति होती है, मानकर जीने से गलती भी हो सकती है जिसका परिणाम व्यक्ति में घुटन परिवार में टूटन, समाज में विघटन प्रकृति में प्रदूषण है जो कि मानव जाति के लिए वैश्विक समाज समस्या का विकराल रूप धारण करते चला जा रहा है, आओ हम सब मिलकर मानव चेतना के साथ जुड़कर कार्य व्यवहार करें जिसे स्वयं में विश्वास परिवार में समृद्धि व प्रकृति में संतुलन स्थापित हो सके । इस अवसर पर एससीईआरटी रायपुर से पधारे चेतना विकास मूल्य शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी केके साहू ने बताया कि संबंध आधारित चेतना विकास मूल्य शिक्षा को प्राथमिक शाला से प्रारंभ कर उच्च शिक्षा तक उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर ग्राम के हर नागरिक को जिम्मेदार एवं सभ्य बनाया जा सकता है, प्रशिक्षक शिक्षकों से फीडबैक लेते हुए प्रसन्नता व्यक्त किया और कहा कि आपका संकुल सौभाग्यशाली है जो की कांकेर जिले में आपके संकुल को अवसर मिला है जिसका श्रेय प्रबोधक व कार्यकर्ता मित्रों को जाता है । इस अवसर पर संकुल प्राचार्य एमएल साहू ने उनके संकुल को अवसर देने के लिए आभार जताया और अपने प्रशिक्षण अवधि के अनुभव को साझा करते हुए चेतना विकास मूल्य शिक्षा को विद्यालय विकास एवं अभिभावक शिक्षक एवं विद्यार्थियों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने वाला बताया तथा इसे प्रत्येक विद्यालयों में शिविर लगाकर अभिभावकों को जोड़ा जा सके जिससे सहयोगिता एवं सहकारिता का वातावरण बन सके, आज बच्चे नशे और अन्य बुरी लत में फंसते जा रहे हैं, प्राचार्य ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चेतना विकास मूल्य शिक्षा समाज के लिए इतना महत्वपूर्ण है कि इसे केवल एक संकुल नहीं, बल्कि पूरे जिले, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन में शामिल किया जाना चाहिए। इस प्रशिक्षण में संकुल केंद्र के प्राथमिक/माध्यमिक शाला डोकला, भर्रीटोला, माहुद, मचान्दूर के शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति देकर समझने समझाने में सहयोग किया| प्रभुराम गंगबेर, सेवानिवृत्त प्र.अ., ने भी संबोधित किया, मानव की शारीरिक एवं मानसिक आवश्यकता पर गहन चर्चा हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में संकुल समन्वयक सूर्यकांत देवांगन व आँवरी केंद्र के हीरालाल साहू, लोकेश्वर साहू, पवन साहू, कुमार साहू, अनिता साहू का सराहनीय योगदान रहा।

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