नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार संस्था आई-पैक के परिसर में जांच के दौरान मुख्यमंत्री और राज्य अधिकारियों ने जबरन हस्तक्षेप किया तथा ईडी की जांच प्रक्रिया में रुकावट डाली।
लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि देश में कानून के शासन को मजबूत करने तथा प्रत्येक संवैधानिक अंग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति देने के लिए इस मुद्दे की जांच आवश्यक है। पीठ ने टिप्पणी की कि यदि इस तरह के हस्तक्षेप को अनदेखा किया गया तो अपराधियों को किसी विशेष राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आड़ में संरक्षण मिल सकता है।
अदालत ने आगे कहा कि वर्तमान स्थिति में कई बड़े संवैधानिक प्रश्न जुड़े हुए हैं। यदि इनका समाधान नहीं किया गया तो विभिन्न राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के शासन के कारण अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पीठ ने स्पष्ट किया कि किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी राजनीतिक दल के चुनावी कार्यों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, लेकिन यदि एजेंसी किसी गंभीर अपराध की सद्भावनापूर्ण जांच कर रही है तो पार्टी गतिविधियों की आड़ में उसे अपने कर्तव्य निर्वहन से रोका नहीं जा सकता।
याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है। इसमें पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार, कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा तथा दक्षिण कोलकाता के उप आयुक्त प्रियबत्रा रॉय को पक्षकार बनाया गया है। ईडी ने अपने कामकाज में बाधा डालने के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को निर्धारित की गई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि प्रतिवादी आई-पैक तथा आसपास के क्षेत्रों के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखें। साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर में आगे की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।