आकाशमंडल के न्यायपति शनिदेव 22 अप्रैल 2026 को मीन राशि में उदय हो चुके हैं और इस खगोलीय घटना ने ज्योतिष जगत में खलबली मचा दी है। शनि का उदय होना सीधे तौर पर उन लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा जो वर्तमान में साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में हैं। मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण मानसिक बेचैनी और बेतहाशा खर्चों की चुनौती लेकर आया है जहाँ कड़ी मेहनत के बावजूद परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। वहीं कुंभ राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम दौर चल रहा है जिसमें परिवार और वाणी पर नियंत्रण न रखने से बड़े आर्थिक और पारिवारिक विवाद खड़े होने का खतरा बना हुआ है।
ढैय्या का खौफ और संकट से बचने के अचूक उपाय
कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि की ढैय्या का समय काफी उतार-चढ़ाव भरा साबित होने वाला है। कर्क राशि वालों के करियर और पढ़ाई से जुड़े प्लान अचानक अटक सकते हैं जबकि सिंह राशि के लोगों को अप्रत्याशित बदलावों के कारण भारी तनाव का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक राशि के लोगों को रिश्तों में बढ़ती गलतफहमियों और प्रेम जीवन में आने वाली बाधाओं के प्रति बेहद सतर्क रहना होगा क्योंकि शनि की तिरछी नजर बने बनाए काम बिगाड़ सकती है। इन संकटों से मुक्ति पाने के लिए शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और काले तिल व लोहे का दान करना बेहद असरदार माना गया है। साथ ही हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना शनि के कष्टों से सुरक्षा प्रदान करने वाला एकमात्र कवच साबित होगा।
