अनेक नगरों में लगाया गया है ◾
◾डिजिटल सर्वे व रिकॉर्ड रखने में होगी आसानी◾
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : आज की दुनिया डिजिटल व हाईटेक टेक्नोलॉजी से लैस हो रही है । इस सुविधा से मिलने वाली सुविधाओं से नीचे ग्रामीण स्तर में बैठा अंतिम व्यक्ति भी इसका लाभ उठा रहा है । ऐसी अनेक शासकीय विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं द्वारा भुवान जनता को देने वाली सुविधाओं को देखते हुवे डिजिटल सेवा देने में तत्पर व अग्रणी हैं । राज्य के अनेक नगरीय निकायों में भी डिजिटल सेवा को अपनाया जा रहा है जहां एक ही क्लिक से समस्त देखो का भुगतान व अन्य जानकारी सेकेंडों में उपलब्ध हो रही है । वर्तमान में देश में जनगणता का भी कार्य किया जाना है वह भी अब डिजिटल पद्धति से किया जायेगा ।

आज सरायपाली नगरपालिका का क्षेत्र विस्तृत व गहरा होते जा रहा है । कर्मचारियों की कमी से भी यह संस्थाएं जूझ रही हैं जिसके चलते नगरवासियों से टैक्स वसूली व अन्य सुविधाएं देने के कार्य प्रभावित हो रहे हैं । लंबे चौड़े व भारी भरकम कागजों की फाइलों के रखरखाव व संधारण में भी काफी समय व खर्च हो रहा है । ऐसे में नगरपालिका को भी कुछ सेवाओं को डिजिलाइजेशन किया जाना चाहिए जिससे एक ही क्लिक में अनेक जानकारियां उपलब्ध हो सकेगी ।सर्वप्रथम नगरपालिका को नगर में डिजिटल डोर नम्बर से प्रारंभ करना चाहिए ।
यह विधा एक यूनिक पहचान प्लेट (Unique ID Plate) है, जो हर घर/मकान को दी जाती है। इसमें प्लेट के ऊपर दिखाई देने वाला एक क्यू आर कोड के साथ ही नगर निकाय का कोड नंबर , नगर का नाम , वार्ड का नाम , मोहल्ला का नाम व मकान नम्बर लिखा होता है ।इसमें लगे QR Code को मोबाइल से स्कैन करने पर:
मकान की पूरी जानकारी मिल जाती है । जिसमें मुख्य रूप से निकाय का नाम , उसका कोड नम्बर , मकान मालिक का नाम , पिता/पति का नाम ,पता , वार्ड का नाम व क्रमांक , प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी व भुगतान की सुविधा , प्रापर्टी का आईडी , भवन से संबंधित लंबाई , चौड़ाई , दिशा , कितना मंजिला भवन की जानकारी , प्लाटिंग एरिया की जानकारी , प्रापर्टी का उपयोग , नल कनेक्शन की जानकारी , डिमांड नोटिस , घर व प्लाट का लोकेशन के साथ ही अन्य जानकारी एक ही क्यू आर से मिल जाती है । भवन व प्लाट का लोकेशन गूगल मैप के माध्यम से सटीक व स्पष्ट दिखाई देता है । उक्त सभी जानकारी सरकारी डाटा नगर पालिका से लिंक से जुड़े रहता है ।
इस डिजिटल यूनिक प्लेट का मुख्य उद्देश्य

शहर में डिजिटल सर्वे और रिकॉर्ड रखना ,
प्रॉपर्टी टैक्स और सरकारी योजनाओं में सुविधा
आपातकाल (ambulance, police) में लोकेशन पहचान आसान होता है । इसके साथ ही
स्मार्ट सिटी/ई-गवर्नेंस सिस्टम को मजबूत करना भी है ।
नगर के प्रत्येक भवनों व घरों में इसे नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सरकारी योजना के तहत लगाया जाता है। जिसे हम आसान भाषा में “डिजिटल एड्रेस प्लेट” भी कह सकते है । इसमें कोई गलती हो तो उसे सुधारा भी जा सकता है । घर या भवनों के मुख्यद्वार पर लगने वाले इस प्लेट का कानूनी रूप से भी काफी महत्व है कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के भवन को अपना बताकर उसे बेच या गिरवी नहीं रख सकेगा । कोड के इस्तेमाल से भवन मालिक की पहचान सामने आ जाती है । इससे फ्राड किए जाने से भी बचा जा सकेगा ।
सरायपाली नगरपालिका अधिकारी व परिषद को भवनों में डिजिटल डोर प्लेट लगाए जाने पर इसके महत्व व उपयोगिता को देखते हुवे गंभीरतापूर्वक विचार कर इस सुविधा का लाभ नगरवासियों को दिया जाना चाहिए।