राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है जिसने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में मौजपुर के पास पिलर नंबर 115/300 पर दिल्ली से कोटा जा रही एक कार में अचानक भीषण आग लग गई और देखते ही देखते वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। कार के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने या संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला जिसके परिणाम स्वरूप मध्य प्रदेश के श्योपुर निवासी तीन महिलाओं और एक मासूम बच्ची सहित कुल पांच यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही पूरी कार मलबे में तब्दील हो चुकी थी और भीतर सवार लोग जिंदा जल गए।
80 प्रतिशत झुलसा चालक: श्योपुर के एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पुलिस शिनाख्त और जांच में जुटी
इस भीषण त्रासदी में कार चला रहे विनोद कुमार मेहर ने अंतिम क्षणों में वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई लेकिन वह भी अस्सी प्रतिशत तक झुलस गए हैं। गंभीर रूप से घायल चालक को इलाज के लिए पिनान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सुधीर चौधरी और डीएसपी कैलाश जिंदल सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस मृतकों की औपचारिक पहचान करने के साथ उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। एक्सप्रेसवे पर हुए इस भीषण अग्निकांड ने यात्रियों के बीच दहशत पैदा कर दी है और अधिकारी तकनीकी विशेषज्ञों के जरिए कार में आग लगने की गुत्थी सुलझाने में लगे हैं।
