नई दिल्ली।
ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बीत जाने के बाद भी पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठन गहरे सदमे में हैं। भारत द्वारा सिंधु नदी का पानी रोके जाने से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 13 प्रतिशत और सिंध में 17 प्रतिशत जल की कमी आई है। इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उसे अब तक कोई राहत नहीं मिली है। पानी की किल्लत के साथ-साथ पाकिस्तान को अपना एयरस्पेस बंद करने के कारण हर महीने 300 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ, हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे बड़े आतंकी एयरस्ट्राइक के डर से पिछले एक साल से भूमिगत हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लश्कर और जैश के कई ठिकानों को ध्वस्त किया गया था, जिससे ये संगठन अब तक नहीं उबर पाए हैं। पिछले कुछ महीनों में लश्कर के को-फाउंडर हमजा और हिजबुल कमांडर सज्जाद अहमद जैसे कई बड़े आतंकी अज्ञात हमलावरों के हाथों मारे जा चुके हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान अब फंड जुटाने के लिए अपने सैनिकों और हथियारों को किराए पर देने को मजबूर है, जिसके तहत उसने सऊदी अरब में 13 हजार सैनिक भेजे हैं।
प्रमुख तथ्य: सिंधु जल संकट: पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में पानी की भारी किल्लत। आतंकी संगठनों की कमर टूटी: हाफिज सईद और मसूद अजहर एक साल से लापता। आर्थिक नुकसान: एयरस्पेस बंद होने से पाकिस्तान को मासिक 300 करोड़ का घाटा। सैनिकों का किराया: सऊदी अरब से 3 बिलियन डॉलर के बदले 13 हजार सैनिक भेजे।