भानुप्रतापपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल खोलने के राज्य सरकार के निर्णय पर पार्षद प्रतिनिधि निकेश सिंह ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी करने वाला है तथा सरकार को इस पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए।
निकेश सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर के समय घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि स्वयं को संवेदनशील बताने वाली सरकार आखिर किस आधार पर इतनी भीषण गर्मी में स्कूल खोलने का निर्णय ले रही है।
उन्होंने कहा कि वातानुकूलित कमरों में बैठकर निर्णय लेने वाले मंत्री और अधिकारी शायद उन बच्चों की परेशानियों को नहीं समझ पा रहे हैं, जिन्हें प्रतिदिन गर्मी और लू के बीच स्कूल आना-जाना पड़ेगा। शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का जीवन और स्वास्थ्य उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
निकेश सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि मौसम की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं तो स्कूल संचालन शुरू करने की जल्दबाजी समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों की सुरक्षा से अधिक प्रशासनिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम को देखते हुए स्कूलों के संचालन की तिथि आगे बढ़ाई जाए और बच्चों के हित में उचित निर्णय लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि बच्चों की परेशानियों को नजरअंदाज कर ऐसे फैसले आखिर किसके हित में लिए जा रहे हैं। संवेदनशील सरकार होने का दावा करने वाली भाजपा सरकार को अपने कथन और कर्म के बीच का अंतर स्पष्ट करना चाहिए।