पटना। बिहार की राजधानी पटना के मशहूर कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज में हुई फायरिंग और हंगामे के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। संस्थान के डायरेक्टर फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। अदालत इस अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई करेगी। वहीं दूसरी तरफ इस मामले में पहले से गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी कोर्ट में बहस पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दूसरी कोचिंग ज्ञान बिंदु के वकील ने इन गार्डों की जमानत का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि गार्डों ने जानबूझकर गोली चलाई थी। खान सर के वकील ने शनिवार को ही जमानत के लिए ऑनलाइन प्रोसेस पूरा कर लिया था।
चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सरेंडर की अफवाहें गर्म
फायरिंग की इस घटना को बीते चार दिन से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन पटना पुलिस अब तक खान सर तक नहीं पहुंच पाई है। खान सर इस वक्त कहां हैं, इसे लेकर शहर में लगातार कयास लगाए जा रहे हैं, पर पुलिस अधिकारी इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। शनिवार को पूरे दिन पटना कोर्ट कैंपस में यह चर्चा उड़ती रही कि खान सर खुद सरेंडर (Surrender) करने वाले हैं। हालांकि उनके वकील अरविंद कुमार मौआर ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है। वकील का कहना है कि खान सर के सरेंडर करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उन्हें एक साजिश के तहत इस पूरे मामले में घसीटा गया है। वे अदालत के सामने कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखेंगे।
सुरक्षा गार्डों के कुबूलनामे के बाद दर्ज हुई एफआईआर, फायर विभाग का भी नोटिस
इस मामले में खान सर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब पकड़े गए दोनों निजी गार्डों ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया। गार्डों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही मौके पर दो-दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस बयान को आधार बनाते हुए पुलिस ने मामले की मुख्य प्राथमिकी (FIR) में फैजल खान का नाम बतौर आरोपी जोड़ दिया। तभी से उनकी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इस कानूनी पचड़े के बीच प्रशासनिक विभाग ने भी खान ग्लोबल स्टडीज और उससे जुड़े अस्पताल पर शिकंजा कस दिया है। फायर ब्रिगेड की टीम ने परिसर का फायर सेफ्टी ऑडिट (Fire Safety Audit) किया था, जिसमें सुरक्षा को लेकर कई बड़ी कमियां मिली हैं। विभाग ने मैनेजमेंट को अल्टीमेटम देते हुए 15 जून तक का समय दिया है। अगर तय समय तक सुधार नहीं हुआ तो संस्थान को सील करने जैसी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।