चारामा : भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने चारामा क्षेत्र के किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं का एक गिरोह गरीब और काम पढ़े लिखें किसानों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी बेशकीमती जमीनें फर्जी तरीके से अपने नाम करवा रहा है।
प्रमुख घटना: 28 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा
पत्र में विधायक ने ग्राम रानीडोंगरी (तहसील चारामा) की एक बुजुर्ग महिला, श्रीमती विमला बाई ठाकुर का उदाहरण दिया है। बताया गया है कि विमला बाई को अपने भतीजे के इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। जमीन दलालों ने जमीन गिरवी रखने के नाम पर उन्हें मात्र 25 लाख रुपये का चेक दिया और धोखे से उनकी पूरी 28.63 एकड़ जमीन अपने नाम रजिस्ट्री करा ली। अब यह गिरोह उस जमीन को आगे बेचने की फिराक में है।
पुलिस और प्रशासन पर उठाए सवाल
विधायक मंडावी ने पत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा कि:पीड़ित महिला ने सभी सक्षम अधिकारियों से शिकायत की है।अधिकारियों द्वारा पुलिस में शिकायत की सलाह दी जाती है, लेकिन पुलिस इसे “राजस्व का मामला” बताकर एफआईआर (रिपोर्ट) दर्ज करने से इनकार कर रही है।इस प्रशासनिक टालमटोल के कारण पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
विधायक की मांग :
विधायक ने मुख्यमंत्री से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:संबंधित जमीनों की खरीदी-बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।धोखाधड़ी में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।विधायक ने
इस पत्र की प्रतियां मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), कमिश्नर बस्तर और कलेक्टर कांकेर सहित अन्य उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई हैं, ताकि मामले में जल्द से जल्द संज्ञान लिया जा सके।