बड़ी प्रशासनिक सर्जरी छत्तीसगढ़ आदिम जाति विकास विभाग में थोक तबादले, कई जनपद CEO बदले

प्रशासनिक कसावट की कवायद,, मंत्रालय से आदेश जारी, तत्काल प्रभाव से संभालना होगा नया प्रभार

सूरजपुर / राज्य शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और मैदानी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ी सर्जरी की है। आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों के बड़े पैमाने पर थोक तबादले किए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB/8192-2026-Tribal Section के तहत कई जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) और क्षेत्र संयोजकों की कुर्सियां तत्काल प्रभाव से हिला दी गई हैं।
इस बड़े फेरबदल को सरकार द्वारा मैदानी स्तर पर प्रशासनिक कसावट लाने और सुशासन को रफ्तार देने की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

इन अधिकारियों के बदले समीकरण; मिली नई जिम्मेदारी

सरकार द्वारा जारी सूची में कई रसूखदार और अनुभवी चेहरों के प्रभार में बड़ा बदलाव किया गया है,, जिनमें
आर.एस. सेंगर अंबिकापुर (सरगुजा) के प्रभारी CEO के पद से हटाकर अब इन्हें प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रामानुजनगर (सूरजपुर) की नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संजय कुमार राय रामानुजनगर सूरजपुर के CEO के पद पर कार्यरत संजय राय को अब सीधे भारी औद्योगिक महत्व वाले जिले कोरबा के जनपद पंचायत CEO की कमान सौंपकर भेजा गया है।

नो-टाइम पॉलिसी: तत्काल कार्यमुक्त होने के कड़े निर्देश

आदेश में सख्ती,, विभाग द्वारा जारी निर्देशों में साफ कर दिया गया है कि तबादलों में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अपनी वर्तमान भूमिका से तत्काल कार्यमुक्त होकर अविलंब नवीन पदस्थापना स्थल पर पदभार ग्रहण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

गलियारों में सुगबुगाहट,, अभी और चलेगी प्रशासनिक कैंची

सूत्रों की मानें तो यह तो महज एक शुरुआत है। मंत्रालय के गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य प्रमुख विभागों में भी ऐसी ही बड़ी और तीखी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिल सकती है। ढीले पड़ चुके सिस्टम को कसने के लिए सरकार का यह कड़ा रुख आने वाले समय में कई और अफसरों की कुर्सी में फेरबदल कर सकता है।

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