छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और बहु-करोड़ रुपये के ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप’ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। दिल्ली के नामी कारोबारी विकास गर्ग को विशेष अदालत ने 24 जुलाई 2026 तक यानी पूरे 10 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। बुधवार को विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेशी के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क और ब्लैक मनी को व्हाइट करने के तौर-तरीकों को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं।
दुबई कनेक्शन और हवाला के जरिए काली कमाई को ठिकाने लगाने का आरोप
अदालत में सुनवाई के दौरान ईडी के विशेष लोक अभियोजक सौरभ पांडेय ने विकास गर्ग के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पर्दाफाश किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, विकास गर्ग को सट्टेबाजी से होने वाली करोड़ों रुपये की अवैध कमाई दुबई में बैठे कोलकाता के कुख्यात हवाला कारोबारी हरिशंकर टिबरेवाल के जरिए मिलती थी। इस रकम को बिना किसी कानूनी रिस्क के सुरक्षित करने के लिए विकास अपनी विभिन्न कंपनियों का इस्तेमाल करता था। पैसे के असली सोर्स को छिपाने के लिए फंड की कई लेयर्स (Layering) बनाई जाती थीं और फिर उसे पूरी तरह वैध दिखाने का प्रयास किया जाता था।
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सफेद किया जा रहा था सट्टे का पैसा
ईडी ने कोर्ट को बताया कि हवाला के जरिए मिलने वाली इस काली कमाई को विकास गर्ग द्वारा भारतीय वित्तीय बाजार में बड़े पैमाने पर खपाया जा रहा था। इस अवैध धन को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड्स, गोल्ड और रियल एस्टेट जैसे पोर्टफोलियो में निवेश किया गया था। इस रणनीतिक निवेश का मुख्य मकसद सट्टे के पैसे को आधिकारिक इकॉनमी का हिस्सा बनाना और उसमें से अपना मुनाफा (हिस्सेदारी) सुरक्षित निकालना था। ईडी का आरोप है कि गर्ग के नियंत्रण वाली शेल और एक्टिव कंपनियों का इस्तेमाल इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग चेन को चलाने के लिए किया जा रहा था।
देशव्यापी छापेमारी के बाद हुई गिरफ्तारी, इन अहम कड़ियों को जोड़ेगी जांच एजेंसी
विकास गर्ग की यह गिरफ्तारी ईडी द्वारा देश के कई बड़े महानगरों— दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इंदौर, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद 14 जुलाई 2026 को हुई थी। अब 10 दिनों की इस रिमांड अवधि के दौरान ईडी की टीम आरोपी से महादेव ऐप के मुख्य सरगनाओं से संबंध, मनी लॉन्ड्रिंग के गुप्त रास्तों, हवाला के लेन-देन और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदार चेहरों के बारे में सघन पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का कहना है कि डिजिटल सबूतों और जब्त दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।